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E20 पेट्रोल को अटॉर्नी जनरल ने 'एक्सपेरिमेंट' बोला था, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का वीडियो आया

इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) को लेकर मचा बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है. पहले खबर आई कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वो पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को एक प्रयोग के तौर पर लागू कर रही है. फिर सफाई आई कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है, ये तो लागू की जा चुकी पॉलिसी है. अब एक वीडियो सामने आया है, जिससे सरकार के दावे पर सवाल उठ रहे हैं.

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इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर PIB के दावे पर उठ रहे सवाल. (इंडिया टुडे)

30 जून. खबर आई कि सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का कार्यक्रम अभी एक ‘प्रयोग’ है. इसके नतीजे अगले साल तक और साफ होंगे. फिर 1 जुलाई को सरकार की ओर से सफाई आ गई. कहा गया सरकार का 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E20 कार्यक्रम कोई एक्सपेरिमेंट नहीं है. ये तो लागू की जा चुकी पॉलिसी है. लेकिन अब सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का एक वीडियो सामने आया है. इसमें अटॉर्नी जनरल 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने के लिए ‘एक्सपेरिमेंट’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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क्या है पूरा मामला?

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की ओर से इथेनॉल आवंटन से जुड़ी एक याचिका पर बहस हो रही थी. अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी भारत सरकार का पक्ष रख रहे थे. इस दौरान खबर आई कि अटॉर्नी जनरल (AG) ने कोर्ट में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की पॉलिसी (E20) को एक प्रयोग बताया है. उनके मुताबिक इस पॉलिसी का प्रभाव अगले साल तक और साफ होगा.

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खबर सामने आते ही प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) एक्टिव हो गई. तुरंत एक प्रेस रिलीज जारी हुआ. बताया गया मीडिया में चल रही खबर पूरी तरह से ‘झूठी’ हैं. कोर्ट में सरकार की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया. PIB ने अपने नोट में साफ शब्दों में लिखा, 

सुनवाई के किसी भी फेज में ऐसा कोई सबमिशन नहीं किया गया कि सरकार का इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम या E20 ब्लेंडिंग कार्यक्रम एक 'प्रयोग' है. मीडिया से अनुरोध है कि वे न्यायिक कार्यवाही की रिपोर्टिंग पूरी सटीकता के साथ करें.

वीडियो रिकॉर्डिंग से खुली पोल?

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PIB की इस सफाई के बाद अब सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट की लाइव सुनवाई का एक वीडियो क्लिप वायरल है. कोर्ट नंबर 2 की इस डिजिटल रिकॉर्डिंग में सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे अटॉर्नी जनरल को साफ तौर पर अंग्रेजी में कहते हुए सुना जा सकता है,

20% ethanol petrol blending is something which the government is now trying to experiment. So somewhere next year October onwards, probably the demand will go up or it may go down.

अब इसका हिंदी तर्जुमा देख लीजिए,

 इथेनॉल पेट्रोल ब्लेंडिंग एक ऐसी चीज है जिसे सरकार अब प्रयोग करने की कोशिश कर रही है. इसलिए अगले साल अक्टूबर के बाद से शायद इसकी मांग बढ़ सकती है या कम हो सकती है.

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ये पूरा विवाद पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने को लेकर है. इथेनॉल गन्ने या अनाज से बनता है. सरकार चाहती है कि देश की सभी गाड़ियों में इथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल का इस्तेमाल हो, जिसे E20 कहते हैं. लेकिन कस्टमर्स का कहना है कि गाड़ी के इंजन पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, उसके आंकड़ों को सामने रखे बिना ये पॉलिसी लागू करना सही नहीं है. 

वीडियो: E20 पेट्रोल एक्सपेरिमेंट, इथेनॉल ब्लेंडिंग वाली मीडिया रिपोर्ट्स पर सरकार की सफाई

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