संसद का मानसून सत्र आज यानी 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. सत्र का पहला दिन है. लेकिन इस बार सदन में सिर्फ़ विधेयकों पर बहस नहीं होने वाली. बल्कि पेपर लीक, सोनम वांगचुक के अनशन, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी, फ़ॉरेन पॉलिसी और दल-बदल की राजनीति समेत तमाम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे.
सोनम वांगचुक, चढ़ावा चोरी, E20 पेट्रोल... संसद में इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की बड़ी तैयारी
Parliament Monsoon Session: इस बार संसद में कई विधेयकों पर तो बहस होगी ही, साथ ही पेपर लीक, सोनम वांगचुक के अनशन, एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी, फ़ॉरेन पॉलिसी और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सहित कई मुद्दों पर तकरार होती दिखेगी.


इससे पहले सत्ताधारी गठबंधन - NDA - के भी संसद में नंबर बदल गए हैं. संख्या बढ़ गई है. इस बढ़े हुए संख्या बल के साथ, सरकार कई अहम बिलों को पास कराने की तैयारी में लगी हुई है. यानी तीन हफ़्तों तक चलने वाले इस मानसून सत्र में पार्लियामेंट के अंदर पॉलिटिकल टेंप्रेचर काफ़ी हाई रहने वाला है.
सरकार की तैयारीपिछले संसद सत्र के बाद भारतीय राजनीति में बहुत से बदलाव हुए हैं. इस बार के संसद सत्र शुरू होने से पहले अब तक चार विपक्षियों पार्टियों के कम से कम 37 सांसद NDA गठबंधन में शामिल हो चुके हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, अब सत्तापक्ष 360 के उस स्पेशल मेजॉरिटी फ़िगर के और क़रीब पहुंच गया है, जिसकी ज़रूरत कॉन्स्टिट्यूशन एमेंडमेंट बिलों (संविधान संशोधन वाले बिलों) को पास कराने के लिए होती है.
इसी वजह से माना जा रहा है कि सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन, डिलिमिटेशन और वुमेंस रिज़र्वेशन जैसे विधेयकों को पास करा सकती है.
20 जुलाई को ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में प्रिवेंशन ऑफ़ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पेश करेंगे. इस बिल का मक़सद 1971 के मौजूदा क़ानून में संशोधन करना है. अभी राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के अपमान को अपराध माना जाता है, जिसकी सज़ा तीन साल तक की जेल हो सकती है. नए संशोधन में यही कानूनी सुरक्षा ‘वंदे मातरम्’ को भी देने का प्रस्ताव है.
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दूसरी तरफ़ विपक्ष भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है. पेपर लीक का मुद्दा सबसे प्रमुख रहने वाला है. इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की हंगर स्ट्राइक, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला, पेट्रोल/फ़्यूल में एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा. इन सब में सबसे ज्यादा गूंज ‘सोनम वांगचुक’ से जुड़े मुद्दे की होगी. क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी का पार्लियामेंट मार्च भी 20 जुलाई को ही किया जाना है.
इधर, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी संसद में एक नोटिस दिया है. राज्यसभा के रूल 267 के तहत दिए अपने नोटिस में, उन्होंने नीट-यूजी पेपर लीक, सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत और प्रोटेस्ट की डिमांड्स को लेकर तुरंत चर्चा कराने की मांग की है.
इधर, संसद शुरू होने से पहले एक और नया विवाद सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक़, 20 जुलाई को कार्यवाही शुरू होने से पहले लोकसभा स्पीकर टीएमसी के 20 बाग़ी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर फ़ैसला ले सकते हैं. 19 जुलाई को हुई ऑल पार्टी मीटिंग में सरकार ने बाग़ी गुट और मूल पार्टी को अलग अलग मानकर बुलाया था. इस पर विपक्ष ने विरोध जताया और कुछ देर के लिए मीटिंग से वॉकआउट भी किया. बाद में वो वापस लौट आए.
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि विपक्षी गठबंधन - INDIA - के अंदर भी मतभेद साफ़ दिखाई दे रहे हैं. डीएमके और आम आदमी पार्टी, दोनों इंडिया ब्लॉक की बैठकों से दूर रहे हैं और उन्होंने भी वॉकआउट में हिस्सा लिया.
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