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'वामपंथ नहीं, हिंदू राइट विंग कट्टरपंथियों से भारत को खतरा', हामिद अंसारी की स्पीच पर विवाद

भारत के Former Vice President Hamid Ansari ने Hindu Right Wing Communalism पर एक बयान को कोट किया है. अब इसी बयान ने नए ‘विवाद’ को जन्म दे दिया है.

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पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर विवाद. (Courtesy- ITG)

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  • पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने जवाहरलाल नेहरू के एक बयान को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत को कम्युनिज्म से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से खतरा है।
  • अंसारी ने यह बयान AG नूरानी की किताब 'The RSS: A Menace To India' की प्रस्तावना का हवाला देते हुए नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में एक कार्यक्रम में दिया था।
  • अंसारी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी समेत राजनीतिक पार्टियों ने प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस की हिंदू विरोधी राजनीति को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

‘भारत को कम्युनिज्म (वामपंथ) से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से खतरा है.’ जवाहर लाल नेहरू के एक बयान को कोट करते हुए भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने ये बात कही है. हालांकि, उनके इस बयान पर अब एक नई बहस छिड़ गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अंसारी के बयान को आपत्तिजनक बताया है. दरअसल, शनिवार, शनिवार, 19 अगस्त को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी संविधान विशेषज्ञ और लेखक AG नूरानी की याद में एक प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचे थे. यह प्रोग्राम नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में रखा गया था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अंसारी ने प्रोग्राम में नूरानी की किताब ‘The RSS: A Menace To India’ का जिक्र किया. यह किताब साल 2019 में छपी थी. 

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नेहरू की बातों का हवाला दिया

हामिद अंसारी ने प्रोग्राम को संबोधित करते हुए इस किताब की प्रस्तावना को कोट किया, जिसमें विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक मीटिंग में पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बातों का हवाला दिया गया था. अंसारी ने अपने बयान में नेहरू को कोट करते हुए कहा,

भारत को कम्युनिज्म से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से खतरा है.

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मतलब ये कि पूर्व उपराष्ट्रपति की ओर से जो बात कही गई, वो उनका खुद का बयान ‘नहीं’ है. बल्कि उन्होंने नूरानी की किताब में पूर्व प्रधानमंत्री की बात को कोट किया था. अंसारी ने आगे कहा,

हालिया सालों में हमने ऐसे रुझानों और तौर-तरीकों को उभरते हुए देखा, जो नागरिक राष्ट्रवाद के स्थापित सिद्धांत को चुनौती देते हैं. साथ ही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक नई प्रथा को सामने लाते हैं.

सत्ता पर एकाधिकार जमाने की 'कोशिश'

हामिद अंसारी ने आगे कहा कि ऐसा करना चुनावी बहुमत को धार्मिक रूप में परोसने और सत्ता पर एकाधिकार जमाने की 'कोशिश' करने जैसा होता है. यह नागरिकों को धर्म के आधार पर बांटना चाहता है. अंसारी के इन बयानों पर सत्ताधारी BJP, कांग्रेस पर निशाना साध रही है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा,

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यह सबसे बड़ी समस्या है. वे कट्टरपंथियों, धार्मिक उन्मादियों, चरमपंथियों और अलगाववादियों के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलेंगे.

Kiren Rijju
किरेन रिजिजू का पोस्ट.

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अंसारी के बयान पर BJP अनुसूचित जनजाति मोर्चा का भी रिएक्शन आया है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि जवाहर लाल नेहरू की एक टिप्पणी जिसे हामिद अंसारी ने उजागर किया है, उसने एक बार फिर कांग्रेस की हिंदू विरोधी राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है. हिंदू समूहों और आतंकवाद पर राहुल गांधी की पिछली टिप्पणियों के साथ ऐसे बयान पार्टी के राजनीतिक स्टैंड के एक पैटर्न को दिखाते हैं.

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