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'जंतर-मंतर नहीं तो क्या ट्रंप के व्हाइट हाउस जाएं', ये किस बात पर भड़क गए CM उमर अब्दुल्ला?

CM Omar Abdullah ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपनी मांग रखने के लिए कहीं और जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उनसे कहा जा रहा है कि Jantar Mantar पर विरोध करने से कोई फायदा नहीं होगा.

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सीएम उमर अब्दुल्ला ने सवाल किया है कि वो पूर्ण राज्या का दर्जा मांगने कहां जाएं?

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  • जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाया कि अगर अपनी राजधानी दिल्ली में राज्य का दर्जा वापस नहीं मिल सकता तो क्या अमेरिका के व्हाइट हाउस जाकर मांग करनी होगी।
  • उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनके विधायकों को 20-30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रलोभन दिए, जिसे विधायक स्वीकार नहीं कर पाए।
  • सीएम उमर अब्दुल्ला की रैली में उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना घोषित की और पूछा कि अगर वहां कोई फायदा नहीं होगा तो अगला कदम क्या होगा।
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सुनील जी भट्ट

जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए क्या हमें अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के पास जाना होगा?' ये सवाल जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाया है. अब्दुल्ला ने इससे पहले बीजेपी पर जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का आरोप लगाया था. अब्दुल्ला ने कहा था कि उनके विधायकों को पार्टी तोड़ने के लिए 20 से 30 करोड़ और मंत्रिपद ऑफर किए जा रहे हैं. इसी दौरान अब्दुल्ला ने ऐलान किया था कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. 

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इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार सुनील जी भट्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अब्दुल्ला ने कहा, 

हम अब जंतर-मंतर जा रहे हैं तो हमसे बार-बार कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर से पूर्ण राज्य का दर्जा वापस नहीं मिलेगा. तो बीजेपी मुझे बताए. क्या राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए हमें अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के व्हाइट हाउस जाना होगा?

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सीएम अब्दुल्ला ने आगे कहा, ‘अगर अपने ही देश की राजधानी में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा वापस नहीं मिल सकता तो बताएं कि हम कहां जाएं? क्या हम टिकट खरीदें. अमेरिका जाएं और राज्य का दर्जा पाने की मांग के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन करें? अगर हमारी अपनी सरकार को लगता है कि यह वहीं हासिल हो सकता है, तो उन्हें ऐसा कहने दें.’

यह भी पढ़ें: 'विधायकों को 20-30 करोड़, मंत्री पद का लालच...', उमर अब्दुल्ला ने BJP पर क्या आरोप लगाए?

किससे मांगें अपना हक?

सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपनी मांग रखने के लिए कहीं और जाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उनसे कहा जा रहा है कि जंतर-मंतर पर विरोध करने से कोई फायदा नहीं होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हमारे अपने इलाके के बारे में फैसले हमारे ही देश की राजधानी में नहीं लिए जा सकते तो फिर कहां लिए जाएंगे? सीएम अब्दुल्ला कहते हैं,

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मेरे पास इस सवाल का जवाब नहीं है. शायद जब टेलीविजन चैनल रात 9 बजे अपनी प्राइम-टाइम डिबेट करें तो उन्हें बीजेपी नेताओं को बुलाना चाहिए और उनसे सीधे यह पूछना चाहिए, अगर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता तो उनके हिसाब से लोगों को इसे पाने के लिए कहां जाना चाहिए?

ऑपरेशन लोटस का आरोप?

11 जुलाई को श्रीनगर में सीएम उमर अब्दुल्ला की एक रैली थी. इस रैली को संबोधित करते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि बीजेपी के एक नेता और सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने उनके एक विधायक से संपर्क किया था. आरोप है कि उन्होंने विधायक को पाला बदलने यानी भाजपा में शामिल होने के बदले 20-30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव दिया था. सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने (बीजेपी ने) उन्हें 20-30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव दिया. लेकिन वे हमारे एक भी विधायक को खरीदने में कामयाब नहीं हो पाए. सीएम अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी उनकी पार्टी के हर विधायक को 100 करोड़ रुपये भी दे, तब भी वो अपने काम में सफल नहीं होगी. ज

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