नॉर्वे (Norway) के राजा हेराल्ड-V (Harald V of Norway Passed away) नहीं रहे. 89 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. ओस्लो (नॉर्वे की राजधानी) के शाही महल ने भी राजा के निधन की पुष्टि कर दी है. किंग हेराल्ड के निधन बाद उनके बेटे हाकोन नए राजा बन गए हैं. शाही महल ने 27 अगस्त को घोषणा की थी कि किंग हेराल्ड की तबीयत बिगड़ गई है और उनकी हालत बेहद गंभीर है. इसके चलते उनकी पत्नी, रानी सोन्या और क्राउन प्रिंस हाकोन को अपने सारे प्रोग्राम्स रद्द करने पड़े.
नॉर्वे के 'फेवरेट' किंग हेराल्ड नहीं रहे, 89 साल की उम्र में निधन, बेटे हाकोन ने संभाली गद्दी
राजा हेराल्ड V का 28 अगस्त की सुबह ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में निधन हुआ. वे 1991 से नॉर्वे के राजा थे और अपने देश में काफी लोकप्रिय थे. उनके निधन के बाद उनके बेटे क्राउन प्रिंस हाकोन ने राजगद्दी संभाल ली है.

शाही महल ने एक बयान में कहा,
हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि महामहिम राजा हेराल्ड नहीं रहे. राजा हेराल्ड का शुक्रवार, 28 अगस्त को सुबह 6.35 बजे ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में निधन हो गया.
किंग हेराल्ड-V साल 1991 से नॉर्वे के राष्ट्राध्यक्ष थे. वो यूरोप के सबसे उम्रदराज शासक थे. 17 अगस्त से ओस्लो के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था. उन्हें हीमोलिटिक एनीमिया था. इस बीमारी में शरीर की लाल रक्त कणिकाएं (red blood cells) बहुत तेजी से नष्ट होने लगती हैं.

राजा हेराल्ड-V अपने देश में काफी लोकप्रिय थे. उनकी कहानी भी बड़ी दिलचस्प है. 21 फरवरी, 1937 को जन्मे हेराल्ड-V बचपन में देश से बाहर रहे. नाजी कब्जे के दौरान वो अमेरिका चले गए. तब हेराल्ड सिर्फ तीन साल के थे. पकड़े जाने से बचने के लिए उनकी मां उन्हें और उनकी बहनों, रैगनहिल्ड और एस्ट्रिड को लेकर पहले स्वीडन और फिर नाव से अमेरिका चली गईं. जबकि हेराल्ड के पिता और दादा नॉर्वे की सरकार के साथ ब्रिटेन गए.
‘द इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट कहती है कि उनकी लव स्टोरी भी अपने आप में एक चर्चा का कारण रही. अपनी स्कूल की प्रेमिका से शादी करने के लिए उन्होंने यूरोप की कई महिलाओं से शादी के प्रस्ताव ठुकरा दिए थे. हेराल्ड यूरोप के सबसे उम्रदराज राजा थे. उन्हें शाही परिवार को आधुनिक बनाने के लिए जाना जाता था. अब उनके बेटे हाकोन-VIII राजा बनेंगे. इस लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था के समय में यूरोप के दूसरे शाही परिवारों की तरह नॉर्वे के राजाओं की भूमिका भी ज्यादातक प्रतीकात्मक ही होती है.
किंग को सेलिब्रिटी जैसा दर्जा मिलता है. 55 लाख की आबादी वाले नॉर्वे में लोकतंत्र है और यहां चुनी हुई संसद भी होती है. कुछ-कुछ अपने भारत की तरह. बस हेड ऑफ स्टेट का मामला थोड़ा अलग है. भारत में ‘प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया’ ही हेड ऑफ स्टेट होते हैं जबकि नॉर्वे में ये पद राजा का होता है. पिता किंग ओलाव-V के निधन के बाद हेराल्ड-V 1991 में राजा बने. उनके पिता ब्रिटिश मूल के थे. किंग हेराल्ड V ने उस दौरान शासन संभाला जब नॉर्वे में आर्थिक तेजी आई. ये तेजी गैस की वजह से आई तेजी थी. आज नॉर्वे बड़े पैमाने पर गैस एक्सपोर्ट करता है.
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विवादों में रहा परिवारकिंग हेराल्ड-V अपने देश में काफी लोकप्रिय थे लेकिन फिर भी शाही परिवार का नाम विवादों में आता रहा. खासकर एप्स्टीन फाइल्स के मामले ने परिवार की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया. नए राजा हाकोन की पत्नी क्वीन मेटे मेरिट का नाम एप्सटीन फाइल्स में आया था. गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर आरोप लगे कि उन्होंने कथित तौर पर एपस्टीन से संपर्क रखा था. हालांकि एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि एप्सटीन एक यौन अपराधी है जबकि रिपोर्टर ने बताया कि उस समय (2011) एप्सटीन के बारे में विकिपीडिया के एक लेख में साफ लिखा था कि वह एक दोषी अपराधी (abuser) था. मेटे मेरिट और राजा हाकोन की शादी 2001 में हुई थी. अब हाकोन नए राजा और मेटे मेरिट रानी होंगी.
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