चीन और नेपाल बॉर्डर पर रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है. चीन ने चेताया है कि छोछेन खोला और त्सांगपो नदी के संगम के पास एक झील बन गई है. इस झील का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है. चीन ने चेतावनी दी है कि अगर ये पानी ऐसे ही बढ़ता रहा तो फिर से नेपाल में बाढ़ आ सकती है. इस बार ये और भी घातक हो सकती है. इसी के चलते चीन ने तिब्बत-नेपाल बॉर्डर के पास बचाव अभियान रोक दिया है. उधर नेपाल ने भी रेस्क्यू टीम से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने के लिए कहा.
अब तिब्बत में डैम टूटा, नेपाल में और भयंकर तबाही आने वाली है?
China Warns Nepal: चीन ने कहा कि गिरिओंग बॉर्डर पर ये झील बनी है जिसका पानी अब ओवरफ्लो कर रहा है. इस बीच तिब्बत के पड़ोसी प्रांत सिचुआन के कुछ हिस्सों में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया. हालांकि इसका एपीसेंटर बाढ़ पीड़ित क्षेत्र से काफी दूर है.

नेपाल पुलिस ने भी अलर्ट जारी कर दिया है. नेपाल पुलिस ने X पर एक पोस्ट कर लिखा,
‘ऐसी जानकारी मिली है कि तिब्बत की तरफ एक पानी का डैम फिर से टूट गया है. इसलिए बचाव और राहत कार्यों में लगे सभी सुरक्षा कर्मियों, बचाव कर्मियों और आम लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं या घटना की सूचना दें.’

रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में बचाव टीम को फ्लड हिट पॉइंट से करीब एक किलोमीटर दूर हटने को कहा गया है. अगले 90 मिनट तक ऑपरेशन रोक दिया गया है.
क्या वार्निंग दी गई?इंडिया टुडे से जुड़े आशुतोष मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के रसुवा जिले में हेलीकॉप्टर द्वारा चलाए जा रहे रेस्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया है. एक वीडियो में नुवाकोट जिले में रेस्क्यू टीम के एक अधिकारी ने बताया कि 20-25 मिनट में पानी नीचे पहुंच सकता है, इसलिए लोगों को हटाया जा रहा है.
चीन ने कहा कि गिरिओंग बॉर्डर पर ये झील बनी है, जिसका पानी अब ओवरफ्लो कर रहा है. इस बीच चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि तिब्बत के पड़ोसी प्रांत सिचुआन के कुछ हिस्सों में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया. हालांकि इसका एपीसेंटर बाढ़ पीड़ित क्षेत्र से काफी दूर है.
नेपाल पुलिस अधिकारी पी चौधरी का कहना है कि नई बाढ़ पिछली वाली से ज्यादा घातक साबित हो सकती है. उनका कहना है कि पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है इसलिए लोगों को हटाया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: नेपाल बाढ़: 163 लोगों की मौत, 750 से ज्यादा लापता, 133 भारतीय भी नहीं मिल रहे
नेपाल ने किसकी मदद ठुकराई?द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भोटकोशी में आई बाढ़ के बाद से 517 विदेशी नागरिक लापता हैं. इस बीच नेपाल सरकार ने कई देशों द्वारा नेपाल में खोज और बचाव दल भेजने के प्रस्तावों को ठुकरा दिया है.
सरकार का कहना है कि नेपाली सुरक्षा एजेंसियां इस अभियान को संभाल सकती हैं. मदद भेजने वाले देशों में भारत, चीन, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, साउथ कोरिया, श्रीलंका और बांग्लादेश है. मगर नेपाल सरकार का कहना है कि उसे केवल आर्थिक मदद की ज़रूरत है.
कुछ देशों ने आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, लेकिन ज्यादातर देशों ने बचाव टीम भेजने की बात कही है. नेपाल विदेश मंत्री के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार को कई देशों से ऑफर आए, मगर आर्मी और पुलिस की सलाह पर उन्हें रोक दिया गया है.
वीडियो: नेपाल में 3 दिन में फिर आएगी बाढ़? चीन ने क्या बताया?














