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रात में गैस पर छोले पकने छोड़ सो गए, दम घुटने से दो युवकों की मौत

Noida Chhole On Burning Stove: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे. पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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दोनों नोएडा के सेक्टर 70 में किराए के मकान में रहते थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर - PTI)

उत्तर प्रदेश का गौतमबुद्ध नगर ज़िला. यहां नोएडा में कथित तौर पर स्टोव की गैस से दम घुटने के चलते दो युवाओं की मौत हो गई. बताया गया कि उन्होंने पकाने के लिए छोले एक बर्तन में रखे और उसे रात भर जलते चूल्हे पर रख दिया. लेकिन अगली सुबह पड़ोसियों ने दोनों को मृत पाया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूल्हे पर छोले पकते रहने के कारण कमरा धुएं से भर गया था (Noida Men Die Chhole Stove).

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मृतकों की पहचान 22 साल के उपेंद्र और 23 साल के शिवम के रूप में हुई है. दोनों नोएडा के सेक्टर 70 के बसई गांव में किराए के मकान में रहते थे. उनका एक स्टॉल था, जहां वो छोले भटूरे और कुलचे बेचते थे. अपने इसी स्टॉल के लिए उन्होंने छोले पकाकर रखने का सोचा था. वो 10 जनवरी की रात बर्तन को चूल्हे पर रखने के बाद गैस चालू छोड़कर सो गए.

NDTV की ख़बर के मुताबिक़, कुछ घंटों बाद जब पड़ोसियों ने धुआं उठते देखा, तो उन्होंने घर का दरवाज़ा तोड़ा. फिर दोनों को पास के अस्पताल पहुंचाया गया. नोएडा सेक्टर 39 के ज़िला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे. पुलिस ने उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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मामले पर नोएडा सेंट्रल जोन के असिसटेंट पुलिस कमिशनर (ACP) राजीव गुप्ता की भी प्रतिक्रया आई है. उन्होंने ने बताया कि चूल्हे पर छोले पकते रहने के कारण कमरा धुएं से भर गया. ACP राजीव गुप्ता ने आगे कहा,

चूंकि घर का दरवाजा बंद था, इसलिए कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई. जलते हुए खाने के धुएं के साथ मिलकर घर में बड़ी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड जमा हो गई. ऐसे में संभव है कि जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुई उनकी मौत हो गई है.

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बताते चलें, कार्बन मोनोऑक्साइड एक ज़हरीली गैस है. ये गंधहीन होती है और कार, ट्रक, स्टोव, ओवन, ग्रिल और जनरेटर में ईंधन जलाते समय उत्सर्जित हो सकती है. ये किसी कसकर सील या बंद हुई जगहों पर जमा हो सकती है.

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