E20 पेट्रोल के खिलाफ आवाज उठाने वाले पैसे लेकर अभियान चला रहे हैं. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के विरोध पर ये आरोप लगाया. 27 अक्टूबर को कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के राष्ट्रीय सम्मेलन में गडकरी ने कहा कि विरोध के पीछे पेड कैंपेन था. गडकरी ने किसी का नाम नहीं लिया. लेकिन उनके बयान से E20 के खिलाफ अभियान चला रहे ‘Team Bharat’ पर सवाल उठे.
'E20 के खिलाफ पेड कैंपेन चला,' नितिन गडकरी का इशारा किसकी तरफ है?
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दावा है कि E20 पेट्रोल के खिलाफ विरोध करने वाले पैसे लेकर अभियान (Paid Campaign) चला रहे हैं. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका बयान किसकी ओर इशारा करता है?

नितिन गडकरी का बयान ऐसे वक़्त में आया है, जब सरकार ने E100 फ्यूल के इस्तेमाल का रास्ता खोल दिया है. 26 अक्टूबर को नियमों में बदलाव कर फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को 100% एथेनॉल तक इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई. इसका मतलब ये नहीं है कि हर पेट्रोल गाड़ी में E100 डाला जा सकता है. इसके लिए गाड़ी का उस फ्यूल के अनुकूल होना जरूरी है.
नितिन गडकरी के बयान पर अब एथेनॉल पॉलिसी का विरोध कर रहे टीम भारत के फाउंडर तहसीन पूनावाला की प्रतिक्रिया भी अहम है. उनकी मांग है कि लोगों को अपनी गाड़ी के हिसाब से पेट्रोल चुनने का विकल्प मिले.
आखिर E20 को लेकर इतना विवाद क्यों?E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है. सरकार का लक्ष्य पेट्रोल के आयात पर निर्भरता घटाना, किसानों को फायदा पहुंचाना और प्रदूषण कम करना है. वहीं, E20 का विरोध करने वालों का दावा है कि पुरानी गाड़ियों में इससे माइलेज घट सकता है. मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है. कुछ गाड़ियों के इंजन और दूसरे पुर्जों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है.
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लंबे समय से चल रहा विवादTeam Bharat की मांग है कि E10 पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए. E10 में 10% एथेनॉल होता है. संगठन ने E20 नीति से जुड़े डॉक्यूमेंट पब्लिक करने और पुरानी गाड़ियों के मालिकों की शिकायतों का समाधान करने की भी मांग की है. इसे लेकर 24 अक्टूबर को टीम भारत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी.
सरकार इन चिंताओं से सहमत नहीं है. पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, एथेनॉल ब्लेंडिंग से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटती है. किसानों को भुगतान और विदेशी मुद्रा की बचत में भी फायदा हुआ है. सरकार का दावा है कि E20 के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन खराब होने की पुष्टि नहीं हुई है.
हालांकि, 27 अक्टूबर को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20% से आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने पुरानी गाड़ियों में कुछ दिक्कतें होने की बात भी स्वीकार की. यानी E20 पर विवाद के बीच सरकार फिलहाल ब्लेंडिंग का मौजूदा स्तर बनाए रखने के पक्ष में है.
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