प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की. इसके कुछ देर बाद खबर आई है कि 2024 NEET UG पेपर लीक के मुख्य आरोपी को क्लीनचिट मिल गई है. केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने कहा कि संजीव मुखिया के खिलाफ क्वेश्चन पेपर चुराने या लीक करने के सबूत नहीं मिले है. बिहार पुलिस ने NEET पेपर लीक 2024 मामले में संजीव मुखिया को आरोपी बनाया था.
NEET पेपर लीक के आरोपी को क्लीन चिट, CBI चार्जशीट में संजीव मुखिया का नाम नहीं
NEET पेपर लीक 2026 को लेकर देश भर में चल रहे आंदोलन के बीच नीट पेपर लीक 2024 के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है. जांच एजेंसी के मुताबिक, संजीव मुखिया के खिलाफ क्वेश्चन पेपर चुराने या लीक करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, संजीव को इस मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन वह अभी जेल में ही रहेगा. उस पर सिपाही बहाली पेपर लीक का भी केस है. CBI ने बताया कि इस केस में क्वेश्चन पेपर की चोरी करने और उसे बांटने में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की गई है. उन कैंडिडेट्स की भी पहचान हुई है जिनको क्वेश्चन पेपर से फायदा पहुंचा.
सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. इसमें 45 लोगों के नाम हैं. संजीव मुखिया का नाम चार्जशीट में नहीं है. एजेंसी के मुताबिक, संजीव के खिलाफ क्वेश्चन पेपर चुराने, पेपर लीक कराने, क्वेश्चन पेपर को सॉल्व करके कैंडिडेंट तक पहुंचाने या फिर इस पूरी साजिश को ऑपरेट करने और फाइनेंशियल मैनेजमेंट करने से जुड़े किसी भी तरह के कोई सबूत नहीं मिले हैं.
बिहार पुलिस ने की थी शुरुआती जांच
NEET यूजी 2024 पेपर लीक की शुरुआती जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने की थी. संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया पर पेपर लीक कराने का शक हुआ, क्योंकि वह पहले भी कई क्वेश्चन पेपर लीक में शामिल रहा था. संजीव तब फरार चल रहा था. 11 महीने बाद EOU की टीम ने उसको गिरफ्तार किया था. बिहार पुलिस ने उसे FIR में आरोपी बनाया. EOU ने इस मामले में अपनी एक डिटेल रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. इसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई थी.
कौन है संजीव मुखिया?
संजीव मुखिया पहले नालंदा के नूरसराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में लोअर डिवीजनल क्लर्क के पद पर तैनात था. नौकरी छोड़कर उसने राजनीति में एंट्री ली. अपने पंचायत का मुखिया बना. मुखिया सॉल्वर गैंग का पुराना मेंबर है. पिछले दो दशकों से प्रतियोगी परीक्षाओं की सेटिंग में शामिल रहा है. बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा और BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा लीक में हाथ रहा. शिक्षक बहाली परीक्षा के पेपर लीक में जेल गया. अभी NEET पेपर लीक मामले में जेल में है.
उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती पेपर लीक में भी उसका हाथ बताया जाता है. सॉल्वर गैंग में इसका बेटा डॉक्टर शिव भी शामिल है. वो भी जेल की हवा खा चुका है. संजीव मुखिया की पत्नी ममता देवी भी मुखिया रह चुकी है. यही नहीं, ममता देवी चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी है, जिसमें उसको हार का सामना करना पड़ा था.
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