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'10 बार शुरू-खत्म हुआ एग्जाम', NEET पेपर के दौरान कई बार गुल हुई बिजली, अब दोबारा होगी परीक्षा

NEET-PG Exam 2026: NEET-PG एग्जाम के दौरान दो सेंटर में बत्ती गुल हो गई थी. एक अभ्यर्थी ने बताया कि 8:45 पर पूरे फ्लोर का कंप्यूटर बंद हो गया. इसके बाद बीच में करीब 4-5 बार कंप्यूटर शट डाउन हो गया. अब सरकार ने दोबारा एग्जाम कराने का नोटिस जारी किया है.

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NEET-PG एग्जाम के दौरान जयपुर सेंटर में अचानक बत्ती गुल हो गई. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • NEET-PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त को जयपुर के दो सेंटरों में बिजली गुल होने के कारण बाधित हुई, जिससे परीक्षा को दोबारा 5 सितंबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
  • परीक्षा के दौरान कंप्यूटर बंद होने और बार-बार पावर कट होने से छात्रों को समय पर परीक्षा पूरी करने में दिक्कत आई, जिससे छात्रों ने प्रदर्शन किया और अधिकारियों को स्थिति की सूचना दी गई।
  • सरकार और आयोजनकर्ता बोर्ड ने स्थिति को संभालने के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है, जबकि छात्रों ने सभी सेंटरों में निष्पक्ष परीक्षा कराने और जांच की मांग जारी रखी है।

NEET-PG 2026 का एग्जाम 30 अगस्त को था. इसकी टाइमिंग सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक थी लेकिन राजस्थान के जयपुर के दो सेंटरों में अचानक बत्ती चली गई. इससे एग्जाम कराने में ठीक-ठाक देरी हुई. इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. स्टूडेंट्स का आरोप है कि हर 10 से 15 मिनट में बिजली जा रही थी. इससे कंप्यूटर सिस्टम प्रभावित हो रहे थे और कई अभ्यर्थी ठीक से परीक्षा ही नहीं दे पाए. अब सरकार ने इन दो सेंटर्स के लिए दोबारा एग्जाम कराने का ऐलान किया है. एग्जाम की नई तारीख 5 सितंबर 2026 तय की गई है. 

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इंडिया टुडे से जुड़ीं रिदम जैन की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर के सीतापुरा के दो सेंटर में बत्ती चली गई थी. ये एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड यानी CBT फॉर्मेट में होता है. छात्रों का आरोप है कि एग्जाम के दौरान कई बार पावर कट हुआ था. इस वजह से छात्र अपना एग्जाम पूरा नहीं कर पाए. छात्रों ने ये भी दावा किया कि पावर कट की वजह से एग्जाम समय पर शुरू भी नहीं हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक, iON डिजिटल जोन iDZ सीतापुरा के दो सेंटर TC नंबर 41682 और 41683 में बत्ती गुल हो गई थी. 

स्टूडेंट्स के मुताबिक, कई बार एक ही क्वेश्चन को दोबारा अटेम्प्ट करने की हालत बनी और पूरी परीक्षा के दौरान यही सिलसिला चलता रहा. अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि उन्हें यह तक पता नहीं था कि अगली बार सिस्टम कब बंद हो जाएगा? परीक्षा में शामिल गौरव ने कहा, 

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दो घंटे में एग्जाम 10 बार शुरू हुआ और 10 बार खत्म हुआ. ऐसा क्यों हो रहा था, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं था. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची. ACP ललित शर्मा ने बताया कि सेंटर का सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा था. कुछ अभ्यर्थियों के कंप्यूटर खुल रहे थे. जबकि कुछ के नहीं खुल रहे थे. इसकी वजह से परीक्षा प्रभावित हुई.

छात्रों ने जवाब मांगा

रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों ने एग्जाम के बाद सेंटर पर ही मोर्चा खोल दिया. एक अभ्यर्थी ने बताया कि 8:45 बजे पूरे फ्लोर का कंप्यूटर बंद हो गया. इसके बाद बीच में करीब 4-5 बार कंप्यूटर शटडाउन हो गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब एग्जाम हॉल में मौजूद इंविजिलेटर (निरीक्षक) को बताया गया कि उनका कंप्यूटर नहीं चल रहा तो वे हंस रहे थे. 

छात्रों ने कहा कि वे महीनों से तैयारी कर रहे थे. ऐसे में एग्जाम ठीक से न होना उनके भविष्य को खतरे में डाल सकता है. छात्रों ने ये भी कहा कि चूंकि बार-बार बत्ती आ जा रही थी, इसलिए क्वेश्चन पेपर का सेक्शन A सबने देख लिया है. उनका कहना है कि ये पेपर लीक का मुद्दा बन गया है. 

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सरकार ने क्या कार्रवाई की? 

NEET-PG एग्जाम NBEMS (नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस) कराता है. बताया गया कि छात्रों में भारी आक्रोश को देखते हुए बोर्ड ने तत्काल बैठक बुलाई. इस बैठक में टेक्नोलॉजी पार्टनर और एग्जाम सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर की देखरेख करने वाली एजेंसी पर बात हुई. इसके बाद एक नोटिस जारी कर बताया गया कि सीतापुरा सेंटर में बत्ती गुल होने की वजह से जिन छात्रों का एग्जाम पूरा नहीं हो पाया है उनका दोबारा एग्जाम होगा. तारीख 5 सितंबर रखी गई है और समय दोपहर 3 बजे से. 

हालांकि, स्टूडेंट्स की नाराजगी अभी खत्म नहीं हुई है. उनकी मांग है कि सिर्फ एक-दो सेंटर पर दोबारा परीक्षा कराने के बजाय सभी सेंटरों के लिए परीक्षा फिर से आयोजित की जाए. छात्रों का तर्क है कि NEET-PG जैसी परीक्षा में एक-एक नंबर रैंक पर बड़ा असर डालता है. ऐसे में अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के बीच समानता कैसे सुनिश्चित होगी, यह बड़ा सवाल है.

स्टूडेंट्स का आरोप है कि गलती उनकी नहीं थी. फिर नुकसान भी उन्हें ही क्यों उठाना पड़े? अब उनकी मांग सिर्फ री-एग्जाम नहीं, बल्कि निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी जांच और बराबरी का मौका है. 

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