गलवान घाटी की झड़प और डोकलाम क्राइसिस के दौरान चीनी सेना के कमांडर रहे जनरल झाओ जोंगकी (General Zhao Zongqi) को पद से हटा दिया गया है. वह 2017 में डोकलाम और 2020 में गलवान घाटी झड़प के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वेस्टर्न थिएटर कमांड के कमांडर थे. बाद में खबर आई थी कि झाओ ने ‘भारत को सबक सिखाने’ के लिए गलवान ऑपरेशन को मंजूरी दी थी. एरिया के लिहाज से देखें तो PLA का वेस्टर्न कमांड एक बहुत ही अहम कमांड है. ये तिब्बत और शिनजियांग में और भारत-चीन की सीमा के बड़े हिस्सों को संभालता है.
गलवान-डोकलाम में चीनी कमांडर रहे जनरल की छुट्टी, जिनपिंग ने सारे पद छीने, वजह ये है
डोकलाम और गलवान के दौरान चीन की सेना की कमान संभालने वाले जनरल झाओ जोंगकी को चीन ने पद से हटा दिया है. झाओ को चीन की टॉप पॉलिटिकल एडवाइजरी बॉडी CPPCC से भी बाहर कर दिया गया है.

चीन की सबसे बड़ी पॉलिटिकल एडवाइजरी बॉडी ने 26 अगस्त को झाओ को पद से हटाया. झाओ को CPPCC की 14वीं राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति से हटाने के लिए वोट किया गया. साथ ही उन्हें जातीय और धार्मिक मामलों की समिति के उप-निदेशक पद से भी हटा दिया गया और उनकी CPPCC सदस्यता भी खत्म कर दी गई.
बिना कारण बताए पद से हटाए गए जनरलजनरल झाओ 'चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस' (CPPCC) के सदस्य थे. लेकिन अब उनसे ये सदस्यता छीन ली गई है. इसके अलावा भी वो 2 और पद संभाल रहे थे. वहां से भी उनकी छुट्टी कर दी गई है. लेकिन चीन ने न तो झाओ को हटाने का कारण बताया और न ही उनके खिलाफ किसी जांच की घोषणा की.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, झाओ को हटाने की टाइमिंग भी दिलचस्प है. इस समय अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के शक में जांच के बाद दो और सीनियर जनरलों झांग यूक्सिया और लियू झेनली को भी हटाया गया है. दोनों अधिकारी पहले केंद्रीय सैन्य आयोग में थे. एक थ्योरी यह भी है कि अधिकारियों को हटाने का कारण ‘भ्रष्टाचार’ है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान को विशेषज्ञों ने ‘सफाया’ (purge) का नाम दिया है. इस Purge के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों की जांच की गई, उन्हें हटाया या बर्खास्त किया गया.
डोकलाम के समय झाओ को दी गई थी कमानझाओ ने वेस्टर्न थिएटर की कमान तब संभाली थी, जब 2017 में डोकलाम में चीनी और भारतीय सैनिक 72 दिनों तक आमने-सामने थे. वहीं मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में विवाद के दौरान भी वही इंचार्ज थे. यही विवाद आगे चलकर घातक गलवान झड़प में बदल गया. ANI ने 2020 में अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी थी कि तब झाओ ने ‘भारत को सबक सिखाने’ के लिए गलवान ऑपरेशन को मंजूरी दी थी.
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गलवान झड़प में 20 भारतीय सैनिक मारे गए थे. चीन ने आधिकारिक तौर पर PLA के 4 सैनिकों की मौत की बात मानी थी. हालांकि बाद की जांच में मामले को छिपाने की बात सामने आई और अनुमान लगाया गया कि कम से कम 38 चीनी सैनिक मारे गए थे. 2017 में इंडिया टुडे के तत्कालीन चीन संवाददाता अनंत कृष्णन ने इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट छापी थी. 72 दिनों तक चले डोकलाम स्टैंडऑफ को चीन ने जिस तरह डील किया, उसके लिए झाओ को ही जिम्मेदार माना जाता था.
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