‘फ्रेंड्स..’ आधी रात को एक बार फिर से फोन से ये आवाज आई. ‘जेन-जी’ प्रोटेस्ट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महीने के अंदर ये तीसरी बार अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो डाला है. वीडियो की शुरुआत होती है, ‘फ्रेंड्स, आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं.’ हालांकि, ये बातचीत का वीडियो नहीं था. पीएम मोदी ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान ‘शरारती बच्चों’ के उन्हें गाली देने का मुद्दा इस वीडियो में उठाया.
पीएम मोदी ने देर रात गालियां देने वालों को क्या संदेश दे दिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान कथित अपशब्दों के मामले पर पहली बार प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी दिवंगत मां को गालियां दी गईं, लेकिन ऐसे 'गुमराह बच्चों' को सजा नहीं, सही राह दिखाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि दुनिया ने देखा, कैसे जंतर-मंतर पर सिर्फ उन्हें नहीं, उनकी स्वर्गीय मां को भी गालियां दी गईं. उन्होंने इसे ‘कल्चरल शॉक’ कहा कि ‘हमारी बेटियां इस तरह की भाषा बोल रही हैं.’ उन्हें ‘गुमराह बच्चे’ बताते हुए पीएम ने कहा कि ये वक्त इन बच्चों को गले लगाकर सही राह दिखाने का है.
नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. वो जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने के लिए गई थीं. वहां उन्होंने पीएम मोदी को कथित तौर पर कई बार ‘अपशब्द’ कहे. इसकी काफी आलोचना हुई. रुचिका सिंह पर जीरो एफआईआर भी दर्ज हो गई. माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने बिना नाम लिए इसी घटना पर प्रतिक्रिया अपने वीडियो में दी है.
फ्रेंड्स के साथ शुरुआत करने के बाद पीएम मोदी ने कहा,
जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश और दुनिया ने देखा है. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा न दे. मुझे तो गालियां दी गईं. मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं. न जाने कितना भद्दा स्वरूप था.
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पीएम ने आगे कहा,
मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं. बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है और यही तो बचपना है. इसलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसको भली-भांति समझ सकता हूं. एक कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं?
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये समय है कि इन गुमराह बच्चों को राह दिखाई जाए. उनको कोर्ट के चक्कर कटवाने या सजा देने या प्रताड़ित करने से हालात नहीं बदलेंगे. इसलिए वो उन्हें माफ करना चाहते हैं.
उन्होंने दांत और जीभ की संगति का उदाहरण दिया,
कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है. खून निकल आता है लेकिन हम दांत तोड़ते नहीं हैं. क्योंकि दांत भी हमारे हैं. जीभ भी हमारी है. बच्चे भी हमारे हैं. उन्हें राह दिखाना हमारा काम है. गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन कठिन कामों को करना है.
पीएम मोदी ने कहा कि देश बहुत आगे बढ़ रहा है. ऐसे में बच्चों का भी आगे बढ़ना तय हो सके, इसके लिए गलतियों से सीख लेकर वो अपने सपनों को लेकर चलें.
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