NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर से उठा विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता दिख रहा है. देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में भी कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों के समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आए. उनके हाथों में बैनर और पोस्टर देश के एजुकेशन सिस्टम को दुरुस्त करने की मांगों से पटे पड़े थे.
'अच्छे दिन कब लीक होंगे', मुंबई के CJP प्रोटेस्ट में लोगों की गजब क्रिएटिविटी
NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के समर्थन में मुंबई में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिनमें आदित्य ठाकरे और अभिनेता अतुल कुलकर्णी भी शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई.

प्रोटेस्ट में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग प्रमुखता से उठाई गई. CJP के इस प्रोटेस्ट को उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना का समर्थन भी मिला. उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने खुद प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर लोगों को संबोधित किया.
महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार, 24 जुलाई को मुंबई के दादर में छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में बड़ी संख्या में छात्र 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए जुटे थे. बॉलीवुड एक्टर अतुल कुलकर्णी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए.

शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे और एमएनएस नेता अमित ठाकरे ने भी प्रोटेस्ट को अपना समर्थन दिया और लोगों के बीच पहुंचे. उद्धव ठाकरे ने मंच से सभी छात्रों से अपील की कि वो 26 जुलाई को उनकी पार्टी की ओर से बुलाए गए मार्च में हिस्सा लें.

शिवाजी पार्क में हुए प्रोटेस्ट में भारी संख्या में लोग जुटे थे. हाथों में पोस्टर लिए लोगों ने नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों का समर्थन जताया और सरकार से जिम्मेदारी तय करने की वकालत की.

दादर के अलावा, मुंबई के चेंबूर में भी CJP के समर्थन में लोग सड़कों पर उतरे. आंदोलनकारीयो ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर जो लाठीचार्ज हुआ है, उसके विरोध में और सोनम वांगचुक के समर्थन में ये आंदोलन किया जा रहा है.

बता दें कि मुंबई में कई दिनों से प्रोटेस्ट जारी है. द हिंदू की एक रिपोर्ट बताती है कि कई प्रदर्शनकारियों पर बिना परमिशन प्रोटेस्ट करने के मामले में केस दर्ज किए गए हैं. 18 जुलाई से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने और धारा-144 (prohibitory orders) का उल्लंघन करने से जुड़ी अलग-अलग धाराओं के तहत तकरीबन 400 लोगों पर FIR दर्ज की गई है.
इसे लेकर एक अधिकारी ने बताया कि शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि, चेंबूर और शिवसेना भवन समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किए गए, लेकिन इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी.

बता दें कि 19 जुलाई को शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में आयोजित एक सभा को संबोधित किया था. यह रैली दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के विरोध में बुलाई गई थी.

सोमवार, 20 जुलाई को दादर के चैत्यभूमि में भी विरोध प्रदर्शन किए गए, जिस पर बिना इजाजत के आयोजित होने का आरोप लगा है.

बुधवार, 22 जुलाई को भी CJP के आंदोलन के समर्थन में मुंबई में कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन किए गए. इसके बाद कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया. पुलिस के अनुसार, भारी पुलिस तैनाती के बीच चेंबूर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर गार्डन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे. इस दौरान मुंबई पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगे. बताया गया कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और कुछ को घसीटकर पुलिस की गाड़ियों में डालकर पुलिस स्टेशन ले गई.

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चेंबूर में प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग वाले प्लेकार्ड लिए थे. दादर में शिवसेना भवन के बाहर बड़ी संख्या में लोगों ने जुटकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए.
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