उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक नए मोबाइल की EMI नहीं दे पाया तो दुकानदार ने कथित तौर उसका खून निकलवा दिया. आरोप है कि मोबाइल दुकानदार ने युवक का ना केवल खून निकलवाया, बल्कि उसे बंधक बनाकर मजदूरी कराई. और गोमती नदी में फेंककर जान से मारने की धमकी भी दी. घबराए परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी, तब जाकर युवक को छोड़ा गया.
लखनऊ में फोन की EMI नहीं देने पर युवक के शरीर से खून ही निकाल लिया, मजदूरी कराई
Lucknow man hostage mobile EMI: लखनऊ में एक युवक को फोन की EMI नहीं दे पाने के कारण बंधक बनाकर रखा गया. उसका खून निकाला गया. उसके साथ मारपीट की गई. घबराए परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी, तब जाकर युवक को छोड़ा गया.

पीड़ित युवक नेवल कुमार लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव के रहने वाले हैं. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, नेवल की मां जदुराई ने उनके अपहरण की पुलिस में शिकायत दी थी. परिजनों ने बताया कि एक साल पहले पीड़ित ने गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था. इसकी 12 महीने की किस्तें तय हुई थी.
पीड़ित से करवाई मजदूरी करवाईलेकिन नेवल पहली किस्त ही नहीं चुका पाए. आरोप है कि किस्त बकाया होने पर कुछ लोग आए और उनका फोन छीनकर ले गए. इसके करीब एक साल बाद दोबारा दुकान के लोग आए और नेवल को अपने साथ ले गए. FIR में मां जादुराई ने बताया,
“मेरे बेटे ने गीता मोबाइल से एक फोन जीरो डाउन पेमेंट पर लिया था. 8 सितंबर को दुकान के कुछ लोग मेरे बेटे को मोबाइल शॉप पर ले जाने की बात कहकर लखनऊ ले गए. वहां पहले उसका खून (एक यूनिट खून) निकाला गया, फिर लखनऊ सदर के एक मकान में रखकर रात दिन मजदूरी करवाई.”
आरोप है कि शुभम सिंह नाम के एक शख्स ने उन्हें नेवल के फोन से कॉल किया. और 2799 रुपये मांगे. जब बड़े बेटे ने पैसे दे दिए तो उन्होंने 12 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की. इसके बाद जादुराई ने निगोहां थाने में पुलिस के पास मामले की शिकायत कराई. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन आरोपी नेवल को रैपिड कैब से घर भेजने के लिए तैयार हुए. कैब का किराया भी बड़े बेटे से भरवाया.
आरोपियों ने की पीड़ित के साथ मारपीटपरिजनों ने बताया कि जब नेवल घर आया, तो ‘बदहवास हालत’ में था. उसके शरीर पर 'चोट के निशान' थे. पीड़ित ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, “उन लोगों ने 4 दिन बंधक बनाकर रखा. भाई से 2600 रुपये मांगे थे. 200 रुपये एक्स्ट्रा देने के लिए कहा था, ताकि मैं घर आ सकूं. लेकिन उन्होंने मेरे साथ मारपीट की.”
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मामले में कार्रवाई चाहते हुए जादुराई ने निगोहां थाने में शिकायत दर्ज करने की मांग की. मगर वहां से उन्हें वापस भेज दिया गया. इसके बाद सोमवार, 14 सितंबर को पीड़ित की मां डीसीपी ऑफिस पहुंचीं और शिकायत की. डीसीपी ने निगोहां थाना प्रभारी को तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है.
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