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इंदौर जल प्रदूषण: सरकारी आदेश में मंत्री विजयवर्गीय के 'घंटा विवाद' का जिक्र किया, देवास SDM सस्पेंड

Dewas SDM Suspended: इस आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई. आरोप है कि कांग्रेस के ज्ञापन के एक हिस्से को हू-ब-हू आदेश में उतार दिया गया. इसकी जानकारी जैसे ही कलेक्टर और डिविजनल कमीश्नर तक पहुंची, उन्होंने तुरंत एक्शन लिया.

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देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को सस्पेंड कर दिया गया है. (फोटो: ANI)

मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है. जवाबदेह मंत्रियों से जब इस पर सवाल पूछा गया तो जवाब ‘घंटा’ आया. उनकी इस भाषा पर आम जन को तो गुस्सा आया ही, विपक्ष ने भी राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदर्शन का ऐलान किया. इस घटनाक्रम के बीच, गाज गिरी देवास के एसडीएम पर. उज्जैन के डिविजनल कमीश्नर ने उन्हें सस्पेंड कर दिया (Dewas SDM Suspended).

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क्यों लिया एक्शन?

देवास के एसडीएम आनंद मालवीय ने कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारियों की ड्यूटी लगाई थी. इसके लिए उन्होंने जो आदेश जारी किया, उसकी भाषा कांग्रेस के ज्ञापन से मिलती-जुलती दिखी. इस आदेश पर उनके हस्ताक्षर भी थे, जिसमें लिखा था,

इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए मलमूत्र युक्त गंदा पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई. जबकि 2800 लोग भर्ती हैं. इस संवेदनशील मुद्दे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार के सवाल के जवाब में जो 'घंटा' शब्द का इस्तेमाल किया, वह गलत है. 

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Dewas SDM suspended
आदेश की प्रति (फोटो: X)

आगे लिखा गया कि इसके विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फैसला लिया है कि भाजपा के सांसद व विधायकों के घर के सामने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

इस आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई. आरोप है कि कांग्रेस के ज्ञापन के एक हिस्से को हू-ब-हू आदेश में उतार दिया गया. इसकी जानकारी जैसे ही कलेक्टर और डिविजनल कमीश्नर तक पहुंची, उन्होंने तुरंत एक्शन लिया. 

राज्य सरकार का कहना है कि 4 मौतें हुई हैं, जबकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये संख्या बढ़ाकर बताई जा रही है. खुद सरकार के मंत्री ये आंकड़ा 7 से 9 के बीच बता रहे हैं. लेकिन देवास एसडीएम द्वारा जारी आदेश में यह संख्या 14 बताई गई. 

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दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, उज्जैन डिविजनल कमीश्नर आशीष सिंह ने देवास एसडीएम आनंद मालवीय को सस्पेंड करने के आदेश दिया है. उनके साथ सहायक ग्रेड-3 (रीडर) अमित चौहान को भी पद से हटा दिया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर यह आदेश लिखा था. 

सस्पेंशन लेटर में लिखा गया कि एसडीएम ने संवेदनशील और गंभीर मुद्दे को बिना जांचे-परखे गलत आंकड़ों के साथ आदेश जारी किया, जो गंभीर लापरवाही को दिखाता है. इसे ‘मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965’ के तहत बुरे आचरण की श्रेणी में माना जाएगा.

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