भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के दांवों पर करारा जवाब दिया है. पेटल ने पाकिस्तान को आतंकवाद, कश्मीर, अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव, धार्मिक असहिष्णुता, और मानवाधिकार पर जमकर लताड़ा है. शुक्रवार, 25 सितंबर को शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए कश्मीर, सिंधु जल संधि और भारत-पाकिस्तान तनाव पर कई दावे किए, जिन पर भारत ने पलटवार किया है.
'सेना की कठपुतली है पाकिस्तानी सरकार', भारतीय अफसर ने दुनिया के सामने शहबाज शरीफ को ठीक से लताड़ा
भारतीय राजनयिक Petal Gahlot ने Shehbaz Sharif के दावों पर कड़ा पलटवार किया. पेटल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्टैंड साफ किया. साथ ही कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को खत्म नहीं करेगा, तब तक सिंधु जल संधि बहाल नहीं होगी.

शनिवार, 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने 'राइट ऑफ रिप्लाई' का इस्तेमाल करके पाकिस्तान को जवाब दिया. पेटा गहलोत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के दावों को अजीब बताया. असेंबली को अमेरिका में हुए 9/11 हमले की याद दिलाई. साथ ही इसके साजिशकर्ता ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान परस्त होने की बात कही. पेटल ने कहा,
‘आज दोपहर में पाकिस्तानी प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं. ये सब न्यूयॉर्क में भयानक 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुआ है. इस हमले को ध्यान में रखना जरूरी है. क्योंकि, हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रीमियर एकेडमी के पास रह रहा था. ये वही संस्था है कि जिसके सामने पाकिस्तानी प्रतिनिधि नतमस्तक हुए.’
पेटल गहलोत ने पाकिस्तानी सरकार को ‘फॉर्म 47 सरकार’ कहकर भी तंज कसा और कहा कि ऐसे लोगों से यही उम्मीद की जा सकती है. ये नाम पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार का मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो चुनाव में धांधली के आरोपों से जुड़ा है.
पीएम शरीफ के लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों वाले दावों पर भी पेटल ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि हमने कुछ पाखंडी बातें ऐसी सरकार से सुनीं, जिसकी राजधानी में उसके अपने ही लोगों के खिलाफ किलेबंदी की जा रही है.
सेना की कठपुतलीभारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान की सरकार पर सेना का कंट्रोल होने का आरोप लगाया. पाकिस्तानी सरकार के नेताओं को पाकिस्तान सेना की कठपुतली बताया. साथ ही आतंकवाद पर दोहरा रवैया अपनाने का भी विरोध किया. भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के नतीजे भुगतने की चेतावनी दी. पेटल ने कहा कि भारत आतंकवाद से अपनी सुरक्षा करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. राजनयिक ने कहा,
‘हमने पिछले साल दिखा दिया था कि आतंकवादियों के पास छिपने या भागने की कोई भी जगह नहीं होगी.
अपने जवाब में पेटल गहलोत ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया. साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में मानवाधिकारों के उल्लघंन पर निशाना साधते हुए कहा,
‘आइए POK पर ध्यान देते हैं. रावलकोट के लोगों से पाकिस्तान सरकार के बारे में पूछिए. जहां अंधाधुंध हत्याएं और मानवाधिकार के उल्लंघन हो रहे हैं.’
पेटल ने सिंधु जल समझौते पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद का वैश्विक केंद्र पाकिस्तान, सीमा पार आतंकवाद को खत्म नहीं करेगा, तब तक यह संधि बहाल नहीं होगी. पेटल गहलोत के बाद पाकिस्तान की डिप्लोमैट सायमा सलीम के बोलने की बारी आई. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद से पीड़ित है, जिससे उनके देश को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है.
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डॉनल्ड ट्रंप को शुक्रियाशहबाज शरीफ ने UNGA में कश्मीर से लेकर सिंधु जल समझौते और दोनों देशों के बीच 2025 के सैन्य संघर्ष पर टिप्पणी की. शहबाज ने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को दोनों देशों के बीच संघर्ष रुकवाने के लिए धन्यवाद किया. हालांकि, भारत ने हमेशा इस मसले में किसी तीसरे पक्ष के शामिल होने से इनकार किया है.
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