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देश के 326 सांसदों और 14 CM पर क्रिमिनल केस, सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई एक रिपोर्ट के अनुसार 326 सांसदों के खिलाफ देश भर में 4000 से ज्यादा आपराधिक मामले चल रहे हैं. इसके अलावा देश के 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से 14 पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से कुछ मामले ऐसे हैं जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है.

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देश के 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. (फोटो- Sansad TV/X)

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  • सुप्रीम कोर्ट को सीनियर एडवोकेट विजय हंसारिया ने सांसदों और विधायकों पर लंबित 4,192 आपराधिक मामले वाली रिपोर्ट सौंपा है, जिसमें 45 प्रतिशत सांसदों पर केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, संसद के कुल 776 सदस्यों में से 326 सांसदों पर क्रिमिनल केस लंबित हैं, और इसमें कई गंभीर अपराधों से जुड़े मामले भी शामिल हैं, जो 2018 से जस के तस चल रहे हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में स्पेशल बेंच बनाई थी उसके बावजूद केसों की सुनवाई में सुधार नहीं होने के कारण, रिपोर्ट में एक साल के अंदर निपटारे के लिए विशेष कोर्ट बनाने का सुझाव दिया गया है।
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संजय शर्मा

देश में राज्यसभा और लोकसभा सांसदों को मिलाकर कुल 776 सांसद हैं. इनमें से लगभग 45 फीसदी यानी 326 मौजूदा सांसदों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं. कुछ सांसदों के खिलाफ गंभीर अपराध से जुड़े केस भी दर्ज किए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई एक रिपोर्ट के अनुसार सांसदों और विधायकों के खिलाफ देश भर में करीब 4,192 मामले लंबित चल रहे हैं. कुछ पूर्व सांसदों और विधायकों के केस भी पेंडिंग हैं. 

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ये रिपोर्ट एक PIL के ज़रिए सीनियार एडवोकेट विजय हंसारिया ने बतौर न्याय मित्र (एमिकस क्यूरे) सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. 

इंडिया टुडे से जुड़े संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, 326 दागी सांसदों में से लोकसभा के 251 (543 में से) और राज्यसभा के 75 (233 में से) सदस्यों के खिलाफ क्रिमिनल केस पेंडिंग हैं. बताया गया कि पेंडिंग केस के आंकड़े 2018 से ही जस के तस हैं. 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को आदेश दिया था कि पेंडिंग केस की सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच बनाई जाए. लेकिन नई रिपोर्ट का दावा है कि इसमें कुछ सुधर नहीं हुआ है.  

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लोकसभा-राज्यसभा का गणित

ये रिपोर्ट एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के आंकड़ों और कई उच्च न्यायालयों से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा के 170 (251 में से) सांसदों और राज्यसभा के 40 (70 में से) सांसदों पर ऐसे गंभीर मामले दर्ज हैं जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है.

रिपोर्ट में सांसदों के साथ-साथ विधायकों के खिलाफ क्रिमिनल केस का भी लेखा-जोखा है. सुप्रीम कोर्ट में सबमिट की गई रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से 14 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. इस लिस्ट में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सबसे ऊपर आते हैं. उनके खिलाफ 89 क्रिमिनल केस दर्ज हैं. उनके बाद आते हैं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और तीसरे नंबर पर हैं कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार.

ये भी पढ़ें: देश के माननीय सांसद: 40% पर आपराधिक मामले, 11 पर हत्या, 4 पर रेप के आरोप! 

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यूपी-बिहार के 50% ज्यादा सांसदों पर चल रहे केस

विजय हंसारिया ने अपनी याचिका में कई हाई कोर्ट की रिपोर्ट भी शामिल की. लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रिपोर्ट जारी नहीं की है. इन रिपोर्ट्स में पता चला कि किस राज्य में कितने सांसद दागी हैं. आंकड़े देखिए-

  • केरल में 20 में से  19 सांसदों पर केस दर्ज. 11 पर गंभीर केस दर्ज हैं. 
  • तेलंगाना में 17 में से 14 सांसद दागी हैं. 
  • ओडिशा में 76 प्रतिशत यानी 21 में से 16 सांसदों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं.
  • झारखंड में 71 प्रतिशत, जहां 14 में से 10 सांसद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं. 
  • तमिलनाडु में 67 प्रतिशत यानी 39 में से 26 सांसदों पर केस दर्ज है.
  • उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.  

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हरियाणा के 10 और छत्तीसगढ़ के 11 सांसदों में से एक-एक सांसद आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं. पंजाब में 13 में से दो, असम में 14 में से तीन, दिल्ली में सात में से तीन, राजस्थान में 25 में से चार, गुजरात में 25 में से पांच और मध्य प्रदेश में 29 में से नौ सांसदों पर भी ऐसे मामले दर्ज हैं. 

विजय हंसारिया ने सुप्रीम कोर्ट से स्पेशल कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई करने और एक साल के अंदर इनका निपटारा करने की मांग की है.

वीडियो: सजायाफ्ता विधायक/सांसदों पर बैन के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र क्या जवाब मांगा?

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