भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नए पदाधिकारियों के ऐलान से ठीक पहले पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने फिर से अपना इस्तीफा पार्टी को सौंपा है. इसमें उन्होंने पार्टी के सभी पदों और अपनी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है. इस्तीफे के पीछे पूनावाला ने ‘अपरिहार्य आर्थिक और व्यक्तिगत हालात’ को वजह बताया.
'मुझे मुक्त कीजिए', शहजाद पूनावाला ने BJP को दोबारा इस्तीफा भेजा, अब बिजनस करेंगे
Shahzada Poonawala resignation: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. साथी ही अपनी प्राथमिक सदस्या से रेजिग्नेशन दिया है. पूनावाला ने यह जानकारी अपने एक्स अकाउंट पर शेयर की है.

रेजिग्नेशन का यह पत्र पूनावाला ने 17 अगस्त को अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर शेयर किया. इससे पहले उन्होंने 30 जुलाई 2026 को भी एक त्यागपत्र BJP को सौंपा था. लेकिन पार्टी ने उसे अस्वीकार कर दिया और उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए कहा था. राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने दोबारा से अपने फैसले पर विचार किया और वह पार्टी में अपने सभी पदों की जिम्मेदारियों से निकलना चाहते हैं. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा,
बहुत ही विनम्रता, स्नेह और आभार के साथ मैंने एक बार फिर बीजेपी और नितिन नबीन जी को अपना इस्तीफा सौंपा है. अनुरोध किया है कि इसे स्वीकार किया जाए.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को लिखे पत्र में पूनावाला ने आगे कहा,
यह मेरे लिए काफी भावुक करने वाला पल था कि पार्टी ने मेरे रेजिग्नेशन को एक्सेप्ट करने से मना कर दिया था. मुझे दोबारा फैसले पर विचार करने के लिए कहा था लेकिन काफी विचार-विमर्श के बाद मैंने अंतिम निर्णय लिया है. मैं राष्ट्रीय प्रवक्ता के अपने पद और भाजपा की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होने का निर्णय लेना चाहता हूं.
आखिर में उन्होंने लिखा,
जैसा मैंने कहा था, आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण मैं निजी क्षेत्र में प्रवेश करूंगा. लेकिन जहां भी संभव होगा. मैं प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के विजन और कार्यों का समर्थन करता रहूंगा. मैं पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं. लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं. एक बार फिर धन्यवाद.

पूनावाला ने ‘दी लल्लनटॉप’ के पॉलिटिकल एडिटर पंकज झा से बात करते हुए कहा कि वह अपने बिजनेस पर ध्यान देना चाहते हैं. साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद से ही उन्होंने ये फैसला ले लिया था, जिस पर उन्होंने अब अमल किया है.
वकील से नेता बने थे पूनावालावकील से नेता बने 38 साल के पूनावाला ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी लेकिन वो चर्चा में आए पार्टी छोड़ने के बाद. पूनावाला ने राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने का विरोध किया था.
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इसके बाद वह BJP में शामिल हुए और पार्टी के सबसे जाने-माने राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में से एक बन गए. वह अक्सर टीवी डिबेट, प्रेस ब्रीफिंग और सोशल मीडिया पर पार्टी का पक्ष रखते थे. उन्हें 2021 में BJP के दिल्ली IT और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारियां भी सौंपी गई थी.
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