उत्तर प्रदेश के मऊ में एक शख्स ने हत्या के मुकदमे में उम्रकैद से बचने के लिए अपनी मौत का पूरा नाटक रच डाला. चिता तैयार की, तस्वीर बनाई, बकरे का दाह संस्कार किया और सरकारी रिकॉर्ड में भी मरने की कहानी दर्ज कराने की कोशिश हुई.
बकरे की चिता जलाकर AI से अपनी फोटो बनाई, हत्या के आरोपी ने अपने फेक मर्डर का खेल रचा
Mau fake death AI funeral image: यूपी के मऊ में एक शख्स ने उम्रकैद से बचने के लिए अपने मरने की झूठी कहानी रच डाली. उसने AI और एडिटिंग से श्मशान घाट पर लेटे हुए की फोटो तैयार की. फिर बकरे का दाह संस्कार कर दिया.

आरोपी का नाम है राजू उर्फ राजकुमार. आजतक से जुड़े दुर्गा किंकर सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, राजू को डर था कि हत्या के मुकदमे में उसे उम्रकैद हो सकती है. इसलिए उसने जेल से बचने का पूरा जुगाड़ रचा. लेकिन पूरी प्लानिंग में एक झोल रह गया.
उसने मौत की खबर तो फैला दी, मगर खुद जिंदा रहने का ‘हिसाब’ नहीं लगा पाया. क्योंकि कागजों पर मरना और हकीकत में मरना दो अलग चीजें हैं. पुलिस के मुताबिक, राजू करीब 18 महीने तक फरार रहा. लेकिन आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक, साल 2016 में मऊ में योगेश सिंह नाम के युवक की गोली मारकर हत्या हुई थी. मामले में राजकुमार और सुदर्शन राजभर के खिलाफ मुकदमा चल रहा था. पुलिस का कहना है कि अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्य पेश हो चुके थे. राजू को आशंका थी कि उसे इस मामले में उम्रकैद की सजा हो सकती है.
राजू पहले मुंबई में चिनाई का काम करता था. बाद में ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने के कारोबार से जुड़ गया. पुलिस के मुताबिक, कई लोगों ने उसके कारोबार में पैसे लगाए थे. इनमें दो होम्योपैथिक डॉक्टर भी थे.
पुलिस का दावा है कि इन निवेशकों को अपना पैसा डूबने का डर था. इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर राजू को सलाह दी कि वह अपनी मौत का नाटक कर दे. ताकि जेल जाने से बचा रहे और कारोबार करके उनका पैसा लौटाता रहे.
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आरोपी पर फर्जीवाड़े का नया मुकदमा दर्जकहानी को सच दिखाने के लिए राजकुमार की AI और एडिटिंग से श्मशान घाट पर लेटे हुए फोटो तैयार की गई. उसकी जगह एक बकरे का दाह संस्कार करवाकर गाजीपुर से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा गया. यानी एक तरफ अदालत में हत्या का मुकदमा चल रहा था, दूसरी तरफ राजू की मौत की कहानी तैयार हो रही थी.
मगर पुलिस की जांच और सर्विलांस टीम आखिरकार उस तक पहुंच गई. अब उसके खिलाफ फर्जीवाड़े का नया मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच जारी है.
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