राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क बनाते समय 8 मजदूरों की मौत हो गई. 2 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे मजदूर सड़क बनाने का काम कर रहे थे. उसी दौरान सड़क पर काम कर रही रोड़ी-बजरी मिक्सर मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के तार से छू गया.
सड़क बना रहे 8 मजदूरों की करंट लगने से मौत, गांववालों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए
Jhunjhunu labourers electrocuted death: झुंझुनूं में सड़क बनाते समय 8 मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई. घटना से ग्रामीण गुस्से में है. उन्होंने धरना शुरू कर दिया है.

इससे तुरंत मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए. पुलिस के मुताबिक ये 11 हजार वॉल्ट की बिजली लाइन थी. लाइन के संपर्क में आते ही पूरी मशीन में करंट दौड़ गया. इस हादसे में 8 मजदूरों की जान चली गई, जबकि कई मजदूर घायल हैं.
'बिजली के तार पेड़ छू रहे'घायलों को उदयपुरवाटी सीएचसी लाया गया. यहां उनका इलाज चल रहा है. सीएचसी के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई है. वहीं, हादसे के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया. ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत में कहा,
"ये प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही है. पोल और बिजली लाइन पेड़ से टच हो रहे हैं. लाइन काटने के लिए फोन किया तो ग्रिड सबस्टेशन पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था."
कुछ ग्रामीणों ने सरकार पर आरोप लगाए,
“सड़क के काम के लिए बार-बार कहा गया लेकिन वो नहीं हो पाया. इस बार गांव वाले पैसे इकठ्ठा करके खुद ये काम करवा रहे थे. इसके बावजूद सरकारी अधिकारियों और नेताओं ने 2 बार काम बंद करवाया था. बहुत मुश्किल से फिर से काम शुरू करवाया गया.”
ग्रामीणों का कहना है कि ये 11 हजार वॉल्ट की लाइन पहले रास्ते से दूर थी. लेकिन कुछ दिन पहले इस लाइन को बदलकर रास्ते के ऊपर से लिया गया था. तार नीचे होने की वजह से ही ये हादसा हो गया.
राजस्थान में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अस्पताल में भर्ती मजदूरों से मुलाकात की. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने घटनास्थल से सीएम भजनलाल से बात करने की कोशिश की. लेकिन नेटवर्क नहीं होने की वजह से फोन नहीं लगा. फिर हाईवे पर आकर उन्होंने सीएम को कॉल किया. उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया,
घटना पर पीएम, सीएम की पोस्ट“ग्रामीण खुद के पैसे ये काम करवा रहे थे. बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ है. हादसे में ठेकेदार विष्णु की भी मौत हो गई है.”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घायलों के ट्रीटमेंट और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, “झुंझुनूं में हुए हादसे में करंट लगने से श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार दुखद है. संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा घटना की जांच के निर्देश दिए हैं.”

वहीं राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी कहा कि घटना की जांच जरूरी है ताकि ये पता चल सके कि सड़क निर्माण के दौरान ये हादसा कैसे हुआ. इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है.
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उन्होंने आगे कहा,
“इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों पर क्या बीत रही होगी ये सोच कर मन व्यथित है. सरकार को मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना चाहिए.”
PMO ने इस हादसे में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की मदद करने का ऐलान किया है. साथ ही घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया है.
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