महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में चांदगुडे परिवार में तीन लोगों की मौत के मामले में नई जानकारी सामने आ रही है. रिश्तेदारों के मुताबिक, कुणाल चांदगुडे के माता-पिता के बीच अनबन चल रही थी और वह उन्हें एक साथ देखना चाहता था. यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि कुणाल ने iPhone लेने की जिद में अपनी जान दे दी.
कुणाल तो मम्मी-पापा को साथ लाना... महाराष्ट्र में 3 मौतों के पीछे iPhone नहीं, ये वजह थी!
Sambhajinagar Hill Tragedy मामले में नया मोड़ आया है. यह नई जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि कुणाल ने iPhone लेने की जिद में अपनी जान दे दी.

21 अगस्त को 18 साल का कुणाल चांदगुडे आत्महत्या करने के लिए पहाड़ पर चढ़ा था. माता-पिता समेत गांव के लोग और पुलिस वाले उसे समझा रहे थे, ताकि वह नीचे उतर आए. लेकिन उसने किसी की एक ना सुनी. उसके पिता मुरलीधर उसे पकड़ने की कोशिश करने लगे, लेकिन उसी वक्त दोनों नीचे गिर गए. पति और बेटे की मौत संगीता चांदगुडे से सहन नहीं हुई. उन्होंने भी उसी वक्त जान दे दी.
रिश्तेदारों ने क्या बताया?इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रिश्तेदारों का कहना है कि कुणाल चाहता था कि उसके माता-पिता के बीच सुलह हो जाए. संगीता के मायके वालों ने बताया कि पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी, जिसका असर परिवार पर पड़ा था. इसके अलावा परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद था. रिश्तेदारों के मुताबिक, कुणाल अपने माता-पिता को एक साथ लाना चाहता था और उनके बीच चल रही अनबन को खत्म होते देखना चाहता था.
रिश्तेदारों के मुताबिक, कुणाल एक होनहार छात्र था और उसने इस साल 10वीं क्लास के CBSE एग्जाम में 82 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे. उन्होंने बताया कि कुणाल MBBS करना चाहता था.
पिता के परिवार का कुछ और ही कहना है
मुरलीधर की बहन शोभा राजेंद्र मस्के ने इस कपल के रिश्ते के बारे में कुछ अलग ही बात बताई. उन्होंने कहा कि मुरलीधर और संगीता ने लगभग 22 साल पहले लव मैरिज की थी. उन्होंने दावा किया कि मुरलीधर के माता-पिता इस शादी के खिलाफ थे और वे शादी में शामिल नहीं हुए थे. शोभा के मुताबिक, शादी के बाद मुरलीधर और उनके परिवार के बीच रिश्ते अच्छे नहीं रहे. उन्होंने मुरलीधर और संगीता के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों का भी जिक्र किया.
पड़ोसियों को कोई परेशानी नहीं दिखी
चांदगुडे परिवार को करीब से जानने वाले लोगों का कहना था कि उन्हें परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ भी असामान्य नहीं लगा. जिस घर में परिवार रहता था, उसके केयरटेकर आदित्य देशपांडे ने बताया कि परिवार करीब चार महीने पहले ही इस किराए के घर में रहने आया था. उन्होंने परिवार को अच्छे व्यवहार वाला बताया. यह भी कहा कि कुणाल आम तौर पर ज्यादा लोगों से घुलता-मिलता नहीं था.
क्या है पूरा मामला?यह परिवार सतारा इलाके में रहता था. 21 अगस्त को कुणाल तिसगाव इलाके के खवड्या पहाड़ के किनारे जाकर खड़ा हो गया. जब माता-पिता को इसकी जानकारी मिली, तो वह भी उसे समझाने के लिए पहाड़ पर चले गए. सुबह 10 बजे से उसे रोकने-समझाने के लिए गांववाले, सरपंच, माता-पिता कोशिश कर रहे थे. गांव के सरपंच ने मृतक को iPhone का भी लालच दिया. मगर वह किसी की सुनने को तैयार ही नहीं था.
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशमन दल के कर्मी भी मौके पर पहुंच चुके थे. उन्होंने पहाड़ की तलहटी में बड़ा सुरक्षा जाल बिछा दिया, ताकि अगर गिरे तो उसे बचाया जा सके. लेकिन पहाड़ की चोटी पर खड़ा युवक, बार-बार अपनी दिशा बदल रहा था.
कुछ ही मिनट में पूरा परिवार खत्म
करीब 1 बजे नीचे खड़े हुए पिता मुरलीधर भी पहाड़ पर कुणाल को समझाने चले गए. मगर उसने पिता की भी एक ना सुनी. जब कुछ नहीं हुआ, तो वे कुणाल को पकड़ने लगे, तभी उनका बैलेंस बिगड़ गया और पिता-पुत्र दोनों ही पहाड़ से नीचे गिर गए. पहाड़ के नीचे एक नुकीला और कटीला पत्थर था, जहां गिरने के बाद दोनों की मौत हो गई.
यह देख मां संगीता से सदमा बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने भी पहाड़ी से कूदकर अपनी जान दे दी. कुछ ही मिनटों में पूरा परिवार खत्म हो गया. पुलिस ने सभी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिवार के अन्य रिश्तेदारों से संपर्क किया है.
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र पहाड़ी हादसा: घुटनों पर बैठ मां ने लगाई थी गुहार, हादसे से पहले का वीडियो रुला देगा!
पालतू कुत्ता इंतजार करता रह गयाइस दुखद घटना ने चांदगुडे परिवार के पालतू कुत्ते 'शेरू' को भी अकेला छोड़ दिया. मौत के बाद वह दो दिनों तक घर के अंदर ही बंद रहा. पड़ोसियों ने उसे खाना-पानी दिया और बाद में एक पेट एनिमल वेलफेयर ग्रुप ने उसे बचाया. फिलहाल शेरू को म्युनिसिपल शेल्टर में रखा गया है. वेलफेयर ग्रुप किसी परिवार से उसे गोद लेने की अपील कर रहा है.
वीडियो: कांस्टेबल की मौत के 42 दिन बाद आया आयुष्मान भारत का मैसेज











