अंग्रेजी में एक कहावत है - “It takes a village to raise a child.” माने एक बच्चे को पालने में सिर्फ उसके मां-बाप नहीं, बल्कि पूरा गांव लगता है. केरल के वायनाड जिले के रहने वाले पीसी मुस्तफा की यही कहानी है. अगर उनके टीचर ने उनकी मदद न की होती तो आज वो 600 करोड़ रुपये का बिज़नेस नहीं खोल पाते. एक वक़्त था जब मुस्तफा दिन के केवल 10 रुपये कमाते थे. लेकिन एक टीचर की ज़िद ने उनकी और उनके गांववालों की ज़िन्दगी बदल दी.
कुली के काम से 10 रुपये कमाता था, एक टीचर की मदद से अब बना 600 करोड़ का मालिक
IIM Bangalore PC Musthafa: पीसी मुस्तफा 6th क्लास में फेल हो गए थे जिसके बाद वो कॉफी के खेत में काम करने लगे. कुली का 10 रुपये दिन का कमाते थे. लेकिन आज वो अपनी खुद की कंपनी 'iD Fresh Food' के मालिक हैं जिसका साल 2025 में रेवेन्यू 681.38 करोड़ रुपये था. कैसे बदली इनकी जिंदगी, सब कुछ जानिए.

लिंक्डइन पर मुस्तफा की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है. उन्होंने IIM बैंगलोर से MBA किया है और अब वो अपनी खुद की कंपनी आईडी फ्रेश फूड (iD Fresh Food) के मालिक हैं. 2025 में इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 681 करोड़ रुपये था. iD Fresh की शुरुआत एक छोटे से किचन से हुई थी. आईडिया सिंपल था- हर घर तक आसानी से इडली-डोसा बैटर पहुंचाना.
6th क्लास में फेल हुए थे मुस्तफालिंक्डइन के एक पोस्ट के मुताबिक, मुस्तफा 6th क्लास में फेल हो गए थे. उनके पिता भी कम पढ़े-लिखे हैं और उनकी मां को कभी स्कूल जाने का मौका नहीं मिला. मुस्तफा के पिता कॉफी के खेत में कुली का काम करते थे. फेल होने के बाद मुस्तफा ने भी वही काम पकड़ लिया. एक दिन मुस्तफा के टीचर खेत पहुंच गए और उन्होंने परिवार से मुस्तफा को स्कूल भेजने की ज़िद की. टीचर ने उनकी किताबों के पैसे भी दिए.
यहीं से मुस्तफा की ज़िन्दगी बदल गई. उन्होंने 7th क्लास में टॉप किया और फिर 10th में भी. इसके बाद उन्होंने NIT कैलिकट से ग्रेजुएशन किया और फिर IIM बैंगलोर से MBA करने के बाद विदेश चले गए. कुछ साल बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करने के बाद वे 2005 में भारत वापस लौट आए. यहां से उनकी लाइफ का दूसरा चैप्टर शुरू हुआ.
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मुस्तफा ने अपने चार चचेरे भाइयों के साथ मिलकर एक बिज़नेस शुरू किया. बैंगलोर के एक छोटे से किचन में वे इडली-डोसा बैटर बनाकर बेचने लगे. धीरे-धीरे बिज़नेस बढ़ा और नए रेडी-टू-कुक मटेरियल सप्लाई होने लगे. इनमें परोटा, पनीर, दूध, दही, चटनी, सांभर, फिलटर कॉफी जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं. iD Fresh आज केवल इंडिया ही नहीं बल्कि UAE, UK, US, सऊदी अरब, ओमान, कतर, आयरलैंड और सिंगापुर में भी प्रोडक्ट सप्लाई करता है.
वित्त वर्ष 2025 में, iD फ्रेश फूड्स का रेवेन्यू पिछले साल के 557.85 करोड़ रुपये से 22 प्रतिशत बढ़कर 681.38 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने 50.75 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. मुस्तफा की कहानी समाज के लिए मिसाल है कि एक फेलियर का मतलब ज़िन्दगी ख़त्म होना नहीं होता.
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