मध्य प्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपना पैतृक घर तोड़ने के लिए खुद पहली गैंती चलाई. उज्जैन में उनका ये घर है, जहां सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारी चल रही है. इसके लिए सड़कें चौड़ी की जा रही हैं. सड़क के दायरे में आने वाले घरों को तोड़ा जा रहा है. मोहन यादव का घर भी इसी ‘सड़क चौड़ीकरण प्रोग्राम’ की जद में आ गया है. जब वो घर गिराने की बारी आई तो पहला प्रहार खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गैंती उठा ली.
जिस घर में बचपन बीता, उसी पर मोहन यादव ने चलाई गैंती, दादा का बनवाया घर क्यों तोड़ा?
CM Mohan Yadav ने Ujjain स्थित अपने पैतृक घर में खुद से गैंती चलाई. दरअसल, ये तैयारी 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए की जा रही है.

बता दें कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ मेला आयोजित होने वाला है. इसके लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई है. क्षिप्रा नदी के किनारे हर 12 साल पर लगने वाले कुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे. आवाजाही में दिक्कतों से बचने के लिए सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है. शहर के अब्दालपुरा में चौड़ीकरण के काम में जिन घरों के कुछ हिस्से तोड़ने के लिए निशान लगाए गए, उनमें से एक सीएम का पैतृक घर भी है. सीएम मोहन यादव ने खुद 27 सितंबर को वहां पहुंचकर पहले पूजा की. फिर गैंती चलाई. इसके बाद घर को तोड़ने का काम शुरू हो गया.
CM के दादा ने घर बनवाया थाइस घर का 2.90 मीटर हिस्सा तोड़ा जाएगा. मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने 1974 में ये घर बनवाया था. इसी मकान में मोहन यादव का बचपन बीता. इस मोहल्ले के करीब 270 घर के कुछ हिस्से तोड़े जा रहे हैं. इसमें मोहन यादव की बहन कलावती यादव का घर भी शामिल है. सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
8 लाख की आबादी वाले शहर में 30-40 करोड़ लोग आएंगे. इसलिए ये व्यवस्था कराई जा रही है.
इस दौरान सीएम काफी भावुक नजर आए. उन्होंने बताया कि इस घर से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं. उन्होंने आगे प्रदेश की जनता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद कहा.
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उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत शहर के व्यस्त इलाके में सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है. खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा और जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर रोड को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है. इस काम में 9 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत आई है.
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