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दोनों आयुक्तों के साथ बैठे CEC ज्ञानेश कुमार, एक-एक आरोप पर सफाई दी

ECI के Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार ने EC SS Sandhu और Vivek Joshi के साथ एक मीटिंग की. मीटिंग में SIR और ECI के कामकाज पर उठ रहे सवालों पर सफाई दी गई.

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चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने एक साथ मीटिंग की. (Courtesy- ITG)

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  • दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 26 सितंबर को एसएस संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया और आयोग के कामकाज पर चर्चा की।
  • चुनाव आयोग की इस बैठक की पृष्ठभूमि आयोग के कामकाज पर उठ रहे सवाल और आईटी विभाग की भूमिका को लेकर विवाद था, जिसके कारण सफाई देनी आवश्यक हुई।
  • बैठक के बाद आयोग ने प्रेस नोट जारी कर SIR प्रक्रिया की सहमति, आईटी डिपार्टमेंट की स्थिति की पुष्टि की और आयोग में बदलाव के लिए मंजूरी प्रक्रिया निर्धारित की।

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने दोनों आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी के साथ मीटिंग की. ये मीटिंग शनिवार, 26 सितंबर की दोपहर 3 बजे ECI के मुख्यालय में हुई. चुनाव आयोग के कामकाज पर उठे सवालों के बीच आयुक्तों की ये मीटिंग काफी अहम मानी जा रही थी. जैसा सोचा गया था, वैसा ही हुआ. बैठक के बाद ECI ने प्रेस नोट जारी कर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और आयोग के कामकाज पर उठ रहे सवालों पर सफाई दी. साथ ही SIR प्रक्रिया, ECINet, फॉर्म-6 और कैबिनेट सचिव को भेजे गए लेटर पर भी बातें साफ कीं.

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'आयुक्तों की मंजूरी थी'

भारतीय चुनाव आयोग की प्रेस नोट के मुताबिक, 24 जून 2025 से शुरू SIR प्रक्रिया के लिए दोनों आयुक्तों ने अपनी मंजूरी दी थी. यह प्रक्रिया आयोग की आम सहमति से ही शुरू हुई. इसे लेकर किसी भी आयुक्त ने कोई मतभेद या आपत्ति नहीं जताई थी. ECI ने यह भी साफ किया कि उनके इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को सही माना था. कैबिनेट सचिव को लेटर भेजने वाले विवाद पर चुनाव आयोग ने कहा कि यह आयोग की पॉलिसी या फिर उसके आईटी विभाग से जुड़ा मामला नहीं था. यह एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था, जिसे प्रतिनियुक्ति पर आयोग में लाया गया था.  

आयोग ने कहा कि उस अधिकारी की ओर से काम के बंटवारे को लेकर जारी आदेशों को दो चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था. चुनाव आयोग ने ये भी साफ किया कि आईटी विभाग की निगरानी का काम भी डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर से कभी वापस नहीं लिया गया. 

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ECI
ECI का प्रेस नोट.

ECI की यह सफाई ऐसे समय पर आई है, जब आयोग के आईटी डिपार्टमेंट की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. प्रेस नोट में साफ किया गया कि आयोग में SIR को लेकर कोई मतभेद नहीं था. साथ ही अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल जारी किए गए, वो भी सभी के सहमति पर ही जारी किए गए थे.

गोवा मामले पर सफाई 

आयोग ने बताया कि बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पूरा हो गया है. ECI ने गोवा के मामले पर भी सफाई दी और बताया कि BLO को निर्देश दिया गया था कि वो छूटे हुए वोटर्स के पास जाकर फॉर्म कलेक्ट करें. आयोग ने यह भी बताया कि 97 वोटर्स में से 81 के फॉर्म-6 भर दिए गए थे. 

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राहत की खबर भी

आयोग की प्रेस नोट में मतदाताओं के लिए राहत की खबर भी है. अगर अब किसी वोटर के नाम में गड़बड़ी हो या वो अनमैप्ड है, तो उसे ERO और AERO के दफ्तरों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. बल्कि, BLO खुद उनके घरों तक जाकर उनसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स कलेक्ट करेंगे. बाद में उसे ECI के ऐप पर अपलोड करेंगे. बावजूद इसके अगर कोई जरूरी काम पड़ा, तो मामले की सुनवाई ऑनलाइन की जाएगी. या अगर कोई वोटर खुद दफ्तर जाने में समर्थ नहीं है, तो वो अपने घर के किसी बालिग शख्स को भेज सकता है. 

आयोग ने बेघर और शेल्टरों में रहने वाले लोगों के लिए सुविधा बढ़ाई है. ECI ने कहा कि बेघर, मजदूर और शेल्टरों में रहने वाले लोगों के नाम को वोटर लिस्ट में जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए. इसके लिए स्पेशल कैंप और हेल्प डेस्क लगाने का काम किया जाएगा. आयोग ने बताया कि जिन वोटर्स के नाम छूट गए हैं या जो फर्स्ट टाइम वोटर हैं. उनका नाम लिस्ट में शामिल करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान की मदद से वो आसानी से फॉर्म-6 की मदद से अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकेंगे.  

ECI
ECI का प्रेस नोट.

ECI ने बताया कि दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियों के लिए समय बढ़ा दिया गया है. दिल्ली में आपत्तियों की अवधि 30 अक्टूबर और उसके समाधान के लिए 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है. वहीं, महाराष्ट्र में दावे की तारीख 12 अक्टूबर और निपटारे की तारीख 10 नवंबर कर दी गई है. इसके अलावा ECINET की जांच के लिए आयोग ने IIT और IIIT के एक्सपर्ट्स और वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी का काम ECINET की निगरानी करना होगा. साथ ही यह जांच की जाएगी कि ये सिस्टम सही से काम कर रहा है या नहीं.

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मीटिंग का एजेंडा पहले जारी 

ECI ने बताया कि अब आयोग की मीटिंग का एजेंडा पहले से जारी किया जाएगा. साथ ही उसका ब्यौरा भी जारी किया जाएगा. इसके अलावा अगर IT को लेकर कुछ बदलाव किए जाएंगे, तो उसके लिए आयोग की मंजूरी जरूरी होगी. यानी IT में कोई भी बदलाव आयोग के मंजूरी के बिना नहीं किया जाएगा.

वीडियो: तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक में क्या हुआ?

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