मध्य प्रदेश में 24 EVM के चोरी होने का मामला चोरी का मामला था ही नहीं. ये सिर्फ रिकॉर्ड में लापरवाही थी, जिसके आरोप में एक सरकारी कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है. वजह बताई गई कि कर्मचारी ने मशीनों का रिकॉर्ड सही से नहीं रखा. इसमें लापरवाही की और समय से मशीनों का स्टेटस अपडेट नहीं किया. इससे ‘EVM की चोरी’ की बात फैली और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा. जिस कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है, उनका नाम फूल सिंह श्याम है. वह सहायक शिक्षक हैं. उन्हें EVM के स्ट्रॉन्ग रूम का रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी भी मिली थी.
स्ट्रॉन्ग रूम से 24 EVM 'गायब' होने का सच ये निकला, सरकारी कर्मचारी सस्पेंड
मध्य प्रदेश के अनूपपुर में जिन 24 EVM मशीनों के 'गायब' होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी, वे चोरी नहीं हुई थीं. मशीनें 2021 में ही भोपाल भेज दी गई थीं और बाद में नष्ट कर दी गई थीं.

मामला मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले का है. यहां एक पुरानी तहसील की इमारत से 24 EVM मशीनों के गायब होने की शिकायत की गई थी. शिकायत में बताया गया कि इस पुरानी तहसील की इमारत गिराई जा रही थी. इसकी वजह से यहां से सामान भी शिफ्ट किए जा रहे थे. जब ये सब किया जा रहा था, तब अधिकारियों को तहसील की बिल्डिंग में रखी 24 EVM मशीनें नहीं मिलीं. आशंका जताई गई कि मशीनें चोरी हो गई हैं. ‘गायब’ बताई गई मशीनों में 8 बैलट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट शामिल थीं और ये सभी राज्य निर्वाचन आयोग की थीं.
मशीनें न मिलने के बाद अफसर थाने पहुंच गए और चोरी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी. बाद में पता चला कि मशीनें चोरी नहीं हुई थीं. ये मशीनें खराब हो गई थीं. इसके बाद 2021 में ही सभी 24 मशीनों को भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग के पास भेज दिया गया था. इसके बाद हैदराबाद की कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) ने खराब मशीनों को नष्ट कर दिया.
जब खराब मशीनें निर्वाचन आयोग के पास भेज दी गईं और उन्हें ‘डेस्ट्रॉय’ भी कर दिया गया तो फिर चोरी की शिकायत क्यों दर्ज कराई गई? यहीं से आरोपी फूल सिंह श्याम की भूमिका पर सवाल उठते हैं. उनका काम स्ट्रॉन्ग रूम का रिकॉर्ड रखना था. कितनी मशीनें हैं, कितनी नहीं? कितनी खराब हैं, कितनी सही? कौन सी मशीन कहां है? रिकॉर्ड में यही सब दर्ज करना होता है. लेकिन फूल सिंह श्याम अपने इस काम में ‘फेल’ रहे. उन्होंने 24 मशीनों के खराब होने, उनके भोपाल भेजने और फिर नष्ट किए जाने की जानकारी जिले के रिकॉर्ड में ठीक से दर्ज नहीं किया.
इस वजह से कई साल पहले नष्ट की जा चुकी मशीनों को ‘गायब’ मान लिया गया और उनके चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई.
ये भी पढ़ेंः अब पेपर लीक की 'गंदगी' साफ करेंगे तुकाराम मुंढे, महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी
रिकॉर्ड दर्ज करने में इसी लापरवाही की वजह से फूल सिंह श्याम को निलंबित कर दिया गया. जिला कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी निलंबन आदेश में रिकॉर्ड रखने में लापरवाही और समय पर मशीनों का स्टेटस साफ नहीं करने का जिक्र किया गया. आदेश में ये भी कहा गया कि इस लापरवाही से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है.
वीडियो: दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा हुईं नेहा बोरा, AISA ने अगले कदम पर ये बता दिया?










