लखनऊ मर्डर केस में पुलिस की पूछताछ में कई नए खुलासे हुए हैं. 19 साल के आरोपी अक्षत ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने हाल ही में 'वध' फिल्म देखी थी. कथित तौर पर दावा किया गया कि शव को काटने का तरीका उसने इसी फिल्म से सीखा. पुलिस केस की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. पूछताछ के बाद अपने पिता की हत्या के आरोप में अक्षत को जेल भेज दिया गया है.
'फिल्म देखकर पिता का शव काटा, गुस्से में की हत्या फिर... ' , लखनऊ के अक्षत ने सब कबूल दिया
Lucknow Murder Case: पुलिस से पूछताछ में आरोपी अक्षत ने बताया कि उसने शव को काटने का तरीका 'वध' फिल्म देखकर सीखा था. हत्याकांड में उसकी बहन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. पूछताछ में पता चला कि उसकी बहन भी मौके पर मौजूद थी.


आजतक से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट बताती है कि हत्या प्लान करके नहीं, बल्कि गुस्से में की गई थी. पहले ये दावा किया जा रहा था कि हत्या एक प्लानिंग के तहत की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक़, अक्षत की बहन को हत्या की जानकारी थी, फिर भी वो चुप रही. स्कूल गई, लोगों से मिली, पेपर भी दिया लेकिन किसी से हत्या वाली बात शेयर नहीं की. पूछताछ में अक्षत ने बताया,
वो पहले से ही कमरे में मौजूद थी, बल्कि गोली की आवाज़ सुनकर आई थी. मैंने उससे कहा तुम इन सबसे दूर रहो, आई विल हैंडल दिस (I will handle this).
आरोप है कि अक्षत ने 20 फरवरी की सुबह साढ़े चार बजे अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी. गोली मारने के बाद हाथ-पैर और सिर को काट कर अलग कर दिया था. हाथ-पैर फेंक दिए थे. और धड़ को रजाई में लपेटकर एक नीले ड्रम में डाल दिया था. पुलिस ने बताया कि शव काटने के लिए पहले उसने ऑनलाइन चाकू मंगाया था. मगर अब सामने आया कि ऑनलाइन चाकू हत्या के बाद मंगाया गया था.
बताया गया कि जब चाकू से नहीं काट पाया तो खुद बाज़ार जाकर आरी खरीदी. आरोप है कि हत्या के बाद अक्षत ने इंटरनेट पर सर्च किया कि लंबे समय तक शव को सुरक्षित कैसे रख सकते हैं.
क्यों की पिता हत्या?सूत्रों के मुताबिक, अक्षत ने पुलिस को बताया कि 19 फरवरी की रात उसकी पिता (मानवेंद्र) के साथ बहस हुई थी. झगड़े के वक्त मानवेंद्र भयंकर नशे में थे. अक्षत ने बताया कि नशे की हालत में उन्होंने राइफल निकाली और अक्षत पर तान दी. हालांकि, थोड़ी देर में शांत हो गए और बेड के पास ही राइफल रखकर सो गए. रिपोर्ट के मुताबिक, रात भर अक्षत गुस्से में बैठा रहा और सुबह साढ़े चार बजे के करीब उसी राइफल से सोते हुए मानवेंद्र की कनपटी पर गोली चला दी.
पहले वो पिता के गायब होने की बात बताता रहा. फिर 23 फरवरी को पुलिस ने जब सख्ती ने पूछताछ की तब जाकर अक्षत ने हत्या वाली बात को कबूल कर लिया. रिपोर्ट में एक वॉट्सऐप ग्रुप का भी ज़िक्र है जो खुद अक्षत ने बनाया था. बताया गया कि उसने ‘पापा लौट आओ’ नाम से ग्रुप बनाया था.
वीडियो: लखनऊ में पिता की हत्या करने वाले बेटे पर पुलिस ने क्या बताया?























