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बिस्तर गीला कर रही थी ढाई साल की बच्ची! सजा में सरकारी बाल गृह स्टाफ ने प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचाया

Kerala News: बच्ची को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था. यहां डॉक्टरों ने देखा कि बच्ची के शरीर पर नाखूनों के निशान थे. इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई.

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तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
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शिबीमोल केजी

केरल (Kerala) के एक सरकारी बाल गृह से तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. उन पर ढाई साल की एक बच्ची के प्राइवेट पार्ट को चोट पहुंचाने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, बिस्तर गीला करने और कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं देने की सजा के तौर पर बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचाई गई. अधिकारियों ने कहा कि बच्ची को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था. इसी दौरान उसके शरीर पर नाखूनों के निशान देखे गए. जिसके बाद पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई.

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पुलिस ने इस मामले की जांच की है. मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई. इसके बाद बाल गृह के केयरटेकर्स की भूमिका पर संदेह हुआ. अधिकारियों का मानना है कि जिस दिन चोट का पता चला, घटना उससे करीब एक सप्ताह पहले हुई थी. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों की पहचान अजीता, माहेश्वरी और सिंधु के रूप में हुई है. उन पर ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ (POCSO) एक्ट और किशोर न्याय (JJ) अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं.

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ये बाल गृह, केरल राज्य बाल कल्याण समिति (CWC) के मातहत काम करती है. CWC के महासचिव अरुण गोपी ने बताया है कि जिस सप्ताह में घटना हुई थी. उस हफ्ते में ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था. CWC ने गिरफ्तार किए गए 3 आरोपियों समेत 7 केयरटेकर्स की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. ये सभी संविदा कर्मचारी थे और घटना के वक्त ड्यूटी पर थे.

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. जहां से उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 दिन पहले ही बच्ची को CWC को सौंपा गया था. क्योंकि बच्ची की मां की मौत हो गई थी और पिता ने आत्महत्या कर ली थी. छोटी बच्ची के साथ उसकी 5 साल की एक बहन को भी बाल गृह में रखा गया है. अरुण गोपी ने कहा है कि इस मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि CWC परिसर में नाबालिग बच्चों को रखा जाता है, यहां ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए.

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