वोटर लिस्ट से नाम कटने पर कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को घेर रही है. राहुल गांधी से लेकर पार्टी के दूसरे नेता तक SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर सवाल उठाते रहे हैं. लेकिन अब कांग्रेस की कर्नाटक सरकार के एक मंत्री ने इस प्रक्रिया का समर्थन किया है. मंत्री ने कहा कि कर्नाटक में करीब एक करोड़ नाम हटाना सही था. उनके मुताबिक, इनमें मृत लोगों, दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं और एक से ज्यादा बार दर्ज नामों को हटाया गया है.
कांग्रेस मंत्री सतीश जारकीहोली ने SIR को सही ठहराया, भाजपा ने राहुल गांधी को घेर लिया
कर्नाटक सरकार में PWD मिनिस्टर सतीश जारकीहोली ने कहा कि राज्य में SIR की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की गई थी. कांग्रेस लगातार इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है और इधर उनके अपने ही नेता इसके उलट बात कह रहे हैं. इससे बीजेपी को राहुल गांधी पर सवाल दागने का मौका मिल गया है.

मंत्री के इस बयान से कांग्रेस की मुश्किल बढ़ सकती है. कांग्रेस पार्टी दूसरे राज्यों में SIR के तरीके पर सवाल उठा रही है. 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में SIR को लेकर चुनाव आयोग से कई अहम सवाल पूछे हैं. कोर्ट ने उन लोगों को राहत देने की बात कही है, जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गए हैं.
कांग्रेस के मंत्री ने SIR प्रक्रिया की तारीफ कीकर्नाटक सरकार में PWD मिनिस्टर सतीश जारकीहोली ने कहा कि राज्य में SIR की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी की गई थी. उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस की आपत्ति SIR कराने से नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में इसे लागू करने के तरीके से थी. उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र का जिक्र किया.
कर्नाटक में करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया. उन्होंने इस प्रक्रिया का समर्थन किया. बेंगलुरु सरकार में मंत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट से ऐसे लोगों के नाम हटाए गए, जिनकी मौत हो चुकी थी. ऐसे वोटर्स जो दूसरी जगह चले गए या जिनके नाम एक से ज्यादा बार दर्ज थे, उनको लिस्ट से हटाया गया है.
जारकीहोली के मुताबिक, अगर वोटर लिस्ट की सफाई सही तरीके से की जाए, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है. उनका मानना है कि दूसरे राज्यों में भी प्रक्रिया इसी तरह होनी चाहिए थी. लेकिन सवाल ये है कि अगर SIR का तरीका सही था, तो कांग्रेस को दूसरे राज्यों में इससे परेशानी क्यों हुई? पार्टी का आरोप रहा है कि इस प्रक्रिया के दौरान सही मतदाताओं के नाम भी कट सकते हैं.
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बीजेपी ने जारकीहोली के बयान को कांग्रेस के लिए असहज करने वाला बताया है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेता अब SIR पर राहुल गांधी के रुख से अलग राय रखने लगे हैं. उनके मुताबिक, SIR का विरोध लोकतंत्र के खिलाफ है.
कर्नाटक कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आई है. मंत्री सतीश जारकीहोली ने नाम हटाने की प्रक्रिया का बचाव किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने एबसेंट बताकर वोटर लिस्ट से बाहर किए गए नामों के मुद्दे पर सवाल दागे.
बहरहाल, SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है. कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि जिन लोगों के नाम 2026 की वोटर लिस्ट में पहले से दर्ज थे उन्हें नए वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए Form 6 भरने को क्यों कहा जा रहा है?
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