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AI से सीखकर शराब बनाई, बोतलों में भरकर बेची, 13 मौतों की जांच में नया खुलासा

मध्य प्रदेश के देवास में 26 साल के अजय राठौर को नकली शराब बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसने AI टूल्स से शराब बनाने का तरीका खोजा और इंदौर से केमिकल मंगवाया.

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मध्य प्रदेश के देवास जिले में नकली शराब बनाने का एक मामला. (Courtesy- ITG)

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  • मध्य प्रदेश के देवास जिले में अजय राठौर को नकली शराब बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिसने AI टूल्स की मदद से घर पर नकली शराब बनाने के तरीके सीखे और केमिकल मंगवाया।
  • देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में 13 संदिग्ध मौतें हुईं, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और नकली शराब के संबंध का पता लगाया है।
  • पुलिस ने नकली शराब बनाने और सप्लाई करने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है, जांच प्रक्रिया अभी जारी है।

मध्य प्रदेश के देवास जिले में नकली शराब बनाने का एक मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, 26 साल के अजय राठौर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टूल्स की मदद से घर पर शराब बनाने का तरीका जानने की कोशिश की. इसके बाद उसने इंदौर से केमिकल मंगवाया. आरोप है कि उसने इस केमिकल से नकली शराब बनाई और पुरानी शराब की बोतलों में भरकर बेच दी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले देवास के चंदाना और बिंजाना गांवों में 13 लोगों की संदिग्ध मौत हुई थी. ये मौतें 27 सितंबर से सामने आने लगी थीं. हालांकि, अभी तक ये पुष्टि नहीं हुई है कि मौतें नकली शराब पीने से हुईं.

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AI से जानकारी जुटाई फिर मंगवाया केमिकल

पुलिस के मुताबिक, अजय राठौर इंदौर का रहने वाला है. उसे 26 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया. उसने काफी समय तक AI टूल्स पर घर में शराब बनाने का तरीका सर्च किया. उसे इस बारे में अधूरी जानकारी मिली. इसके बाद उसने इंटरनेट पर केमिकल बेचने वालों के नंबर तलाशे. फिर इंदौर की एक कंपनी राइजिंग ब्रदर्स से कॉन्टैक्ट किया और केमिकल मंगवाया. पुलिस का आरोप है कि केमिकल मिलने के बाद 1 अक्टूबर से नकली शराब बनाने का काम शुरू हुआ. इसे पुरानी शराब की बोतलों में भरा गया. फिर नकली शराब को असली शराब के साथ मिलाकर ग्रामीण इलाकों में बेचा गया. इससे लोगों के लिए असली और नकली शराब में फर्क करना मुश्किल हो गया.

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13 मौतों की जांच

पुलिस अब शराब बनाने के साथ-साथ उसकी सप्लाई करने वालों की भी जांच कर रही है. पुलिस ने उस गोदाम को सील कर दिया है, जहां से केमिकल लाया गया था. अब वहां से सैंपल लिए जा रहे हैं. संदिग्ध शराब के नमूने भी फॉरेंसिक साइंस लैब भेजे जाएंगे. जांच से पता चलेगा कि शराब में कौन से पदार्थ मौजूद थे और क्या उनका मौतों से कोई संबंध था.

पुलिस ने 28 अक्तूबर को इंदौर के अमन कसलीवाल को भी गिरफ्तार किया है. उस पर अजय को केमिकल सप्लाई करने का आरोप है. इसके अलावा जांच अधिकारी चंदाना और बिंजाना गांवों में शराब पहुंचाने वालों की भूमिका की जांच की जा रही है. इस मामले में अब तक 10 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. इनमें से आठ आरोपियों को कोर्ट से तीन दिन की पुलिस रिमांड मिली है, जबकि दो आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. जांच जारी है. 

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