‘अगर आज आप सवाल पूछो तो आपको विदेशी एजेंट करार दे दिया जाता है. यह 'राष्ट्र-विरोधी' वाली बातें अब बहुत हो गई.’ ये बयान कभी बीजेपी के युवा चेहरों में शुमार अन्नामलाई का है. तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने बीजेपी और दिल्ली पुलिस पर तीखे सवाल दागे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी और उसके नेताओं पर पुलिसिया एक्शन की आलोचना करते हुए पूर्व बीजेपी नेता ने पीएम मोदी के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जब वो गुजरात के सीएम थे और दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ जंग छेड़ने की बात करते थे.
BJP से अलग होते ही बदले अन्नामलाई के सुर, PM Modi के बयान याद दिलाकर दागे तीखे सवाल
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने अपनी ही पुरानी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने CJP नेताओं पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, जमानत प्रक्रिया और प्रदर्शन के अधिकार को लेकर सवाल उठाए. इस दौरान अन्नामलाई ने पीएम मोदी के ही पुराने बयान याद दिलाए.

अन्नामलाई ने 21 अक्टूबर को एक्स पर दो बड़ी-बड़ी पोस्ट कीं. अपने पोस्ट की शुरुआत ही पीएम मोदी को निशाने पर लेने से की. उन्होंने गुजरात के सीएम रहते हुए नरेंद्र मोदी के 2011 के बयान का हवाला दिया. पीएम मोदी ने तब रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर आधी रात को की गई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी. अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
2011 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अगर उनके हाथ बंधे न होते, तो वह दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जंग छेड़ देते.
अन्नामलाई ने आगे लिखा,
मेरी राय में माननीय प्रधानमंत्री ने उस समय जो कहा था, वह बिल्कुल सही था. इसमें कुछ भी गलत नहीं है. आज आपको अनिश्चितकाल के लिए जेल भेजा जा सकता है. आपके जमानतदारों के बॉन्ड खारिज किए जा सकते हैं. हैरानी की बात यह है कि निवारक बॉन्ड से जुड़े मामलों से निपटने का अधिकार मिलने पर, एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट आपको अपने इशारों पर नचा सकता है.
अन्नामलाई ने इस दौरान सरकार का विरोध करने वाले को देश विरोधी एजेंट होने के आरोप लगाने पर भी तंज कसा. अन्नामलाई ने कहा कि अगर आप लोकतंत्र में कानून की उचित प्रक्रिया के उल्लंघन पर सवाल उठाते हैं, तो आपको भला-बुरा कहा जाएगा. आप पर हमलों की झड़ी लग जाएगी. इसमें आपको ‘विदेशी एजेंट’ करार देना भी शामिल होगा. उन्होंने आगे कहा,
जब से मैंने नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए कहा है, तब से मुझ पर लगातार हमले हो रहे हैं. लेकिन मैंने इन पर ध्यान नहीं दिया. मुझे लगा कि तमिलनाडु में जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.’
दरअसल बीजेपी ने अन्नामलाई पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा कि बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने SIR को लेकर अपना रुख बदल लिया है. जून में बीजेपी छोड़ चुके अन्नामलाई ने कहा कि केंद्र सरकार को CJP की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए. प्रदर्शन को राष्ट्रविरोधी बताना ठीक नहीं है. उन्होंने CJP के प्रदर्शन के तरीकों से खुद को अलग रखते हुए संगठन के विरोध करने के अधिकार का बचाव किया. अन्नामलाई ने कहा,
केंद्र सरकार से पूछे 5 सवालमैं बीजेपी के कुछ लोगों के लिए एक बात साफ करना चाहता हूं. अगर आपको अपनी सुविधा के हिसाब से चीजों को भूल जाने की आदत है, तो इसे अब मत भूलिए. मैंने 5 जून 2026 को बीजेपी छोड़ दी थी. जैसा कि मैंने कल कहा था, मैं CJP के प्रदर्शन के तरीकों से सहमत नहीं हूं. मुझे उसके कई तरीके गलत लगते हैं. लेकिन, अगर आप मुझसे पूछें कि क्या उन्हें किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रदर्शन करने, बहस करने या लड़ने का अधिकार है, तो मेरा जवाब हां होगा.
अन्नामलाई ने अपनी पोस्ट में केंद्र सरकार से 5 सवाल पूछे. इनमें जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाना, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के तौर पर काम कर रहे पुलिस अधिकारियों की शक्तियों पर सवाल उठाए. उन्होंने 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए CJP सदस्यों से जुड़े जमानत मामले, और NEET प्रदर्शनों के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से जुड़े सवाल शामिल हैं.
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या बीजेपी वास्तव में CJP का विरोध कर रही है या उसे फ्री में पब्लिसिटी दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि क्या बीजेपी विपक्षी दलों के वोट बांटने के लिए CJP को बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में पेश करना चाहती है. इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने पूछा कि जब SIR की प्रक्रिया चल रही थी, तब वे असल में क्या कर रहे थे? अन्नामलाई के बयान पर बीजेपी ने भी जवाब दिया. तमिलनाडु बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने उन पर SIR को लेकर रुख बदलने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि अन्नामलाई पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण का बचाव करते थे और दावा करते थे. उन्होंने खुद कहा था कि तमिलनाडु में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता हैं, जिन्हें हटाने की जरूरत है. तिरुपति ने मई 2026 में कांग्रेस नेता शशि थरूर के साथ अन्नामलाई की सार्वजनिक बहस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय अन्नामलाई ने SIR को निष्पक्ष और जरूरी बताया था. उन्होंने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने अपना रुख बदल लिया है. अन्नामलाई पूर्व IPS अधिकारी के तौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को समझते हैं.
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अब बीजेपी के ही एक्स कलिग की ओर से उठे इन सवालों और इस पर पार्टी की ओर से दिए जा रहे जवाब के बीच विपक्ष को मौका मिल गया है. वो ये मैसेज देने की कोशिश करे कि उसकी ओर से लगाए जा रहे आरोप सही थे. अब खुद बीजेपी के पूर्व नेता भी उसी तरह के सवाल उठा रहे है जो विपक्ष के सवालों से मैच हो रहे है.
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