The Lallantop

स्कूल में 'Pluralism' पर बोलने वाली थीं JNU की प्रोफेसर, VHP के विरोध से प्रोग्राम कैंसिल

JNU Professor Independence day address cancelled: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जोया हसन दिल्ली के एक स्कूल में चीफ गेस्ट बनी थीं. उन्हें छात्रों को संबोधित करना था. लेकिन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद उनका प्रोग्राम कैंसिल कर दिया गया.

Advertisement
post-main-image
प्रोफेसर का विरोध करते हुए VHP के करीब 10-15 सदस्य स्कूल के बाहर खड़े हो गए थे. (फोटो-इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जोया हसन को दिल्ली के एक स्कूल में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और विद्यार्थियों को संबोधित करने के लिए चीफ गेस्ट के रूप में बुलाया गया था, लेकिन उनका भाषण सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया।
  • विश्व हिंदू परिषद के लगभग 10-15 कार्यकर्ताओं के विरोध और राजनीतिक कारणों की वजह से स्कूल ने सुरक्षा को देखते हुए प्रोफेसर हसन के कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया, जिसके बाद पुलिस भी मौके पर तैनात की गई।
  • स्कूल प्रशासन द्वारा गेस्ट के रूप में बाद में गुजरात एजुकेशन सोसाइटी की प्रेसिडेंट श्वेता कल्याणवाला को बुलाया गया और इस घटना के बाद बहुलवाद विषयक कार्यक्रम रद्द करने पर राजनीतिक और सामाजिक आलोचना शुरू हो गई है।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर को दिल्ली के एक स्कूल में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था. उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराना था और छात्रों को संबोधित करना था लेकिन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध प्रदर्शन की वजह से उनका लेक्चर कैंसिल कर दिया गया. बताया गया कि VHP के करीब 10-15 कार्यकर्ता प्रोफेसर का विरोध करते हुए स्कूल के बाहर खड़े हो गए. नतीजा, सुरक्षा कारणों से हसन का भाषण और उनका स्कूल में आना कैंसिल कर दिया गया. एहतियातन मौके पर पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई.

Advertisement
‘विविधता क्यों जरूरी है’ था टॉपिक

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते स्कूल के एक फैकल्टी सदस्य ने कहा कि ‘दुर्भाग्य से सुबह-सुबह कुछ लोग स्कूल के बाहर जमा हो गए, जिसके बाद राजनीतिक कारणों से हालात बिगड़ गए.’ प्रोफेसर जोया ने भारतीय राजनीति, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक नीति पर काफी कुछ लिखा है. उन्होंने एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि सरदार पटेल स्कूल ने 14 अगस्त को उन्हें न्योता दिया था. प्रिंसिपल अनुराधा जोशी पिछले कुछ हफ्तों से उनके संपर्क में थीं. एक टीचर उन्हें लेने आने वाली थीं लेकिन बाद में स्कूल के सिक्योरिटी हेड आए और उन्हें कार्यक्रम रद्द करने की सूचना दी. प्रोफेसर ने कहा,

सिक्योरिटी हेड ने उन्हें कहा कि VHP सदस्यों के विरोध के बाद दिल्ली पुलिस स्कूल पहुंची थी. वह मेरी सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी ‘बहुत चिंतित’ थे. 

Advertisement

बताया गया कि जोया हसन स्कूल में ‘विविधता (pluralism) जरूरी क्यों’ पर बात करने वाली थी. उन्होंने कहा,

मैंने स्कूल को बता दिया था कि मेरा विषय 'विविधता क्यों जरूरी है' (Why pluralism matters) होगा. उन्होंने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी. वह यह नहीं बता रहे थे कि मुझे किस विषय पर बोलना चाहिए. सच कहूं तो, उन्होंने यह भी नहीं कहा कि मुझे इस विषय पर नहीं बोलना चाहिए.

हालांकि, बाद में स्कूल प्रशासन ने गुजरात एजुकेशन सोसाइटी (GES) की प्रेसिडेंट और स्कूल की पूर्व छात्रा श्वेता कल्याणवाला को गेस्ट के तौर पर बुलाया. GES संस्था स्कूल का प्रबंधन करती है.

Advertisement
पुलिस को मिली थी जानकारी

इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि प्रोफेसर हसन के कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला पुलिस के निर्देश पर लिया गया या स्कूल ने खुद. विद्यालय ने इसपर कमेंट नहीं किया है. पुलिस ने भी कहा है कि उन्हें सिर्फ उन्हें सुरक्षा संबंधी खतरे के बारे में सूचित किया था. हसन की भागीदारी रद्द करने का निर्णय स्कूल ने ही लिया होगा. उनके कर्मियों को सिर्फ सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात किया गया था.

ये भी पढ़ें: 'मेरे और छात्रों के बीच की बात, आप क्यों टांग अड़ा रहे', बार काउंसिल को CJI ने ठीक से सुनाया

फिलहाल, इस घटना की काफी आलोचना हो रही है. लोग कह रहे हैं कि प्रोफेसर का कार्यक्रम बहुलवाद पर बोलने के कारण रद्द किया गया.

वीडियो: NALSAR विश्वविद्यालय के छात्रों पर CJI सूर्यकांत का बयान

Advertisement