झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित तौर पर ‘अल्पसंख्यक वोटरों’ का नाम हटाने की कोशिश का मामला सामने आया है. आरोप भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक बूथ लेवल एजेंट (BLA) पर लगा है. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ ही घंटों में उन्हें जमानत मिल गई. BLA पर आरोप है कि उन्होंने करीब 200 ‘फॉर्म-7’ जमा किया था, जिसमें ज्यादातर 'मुस्लिम वोटरों' का नाम था. एसआईआर का फॉर्म-7 निर्वाचन आयोग (ECI) का आधिकारिक फॉर्म है, जिसका इस्तेमाल वोटर्स लिस्ट से किसी का नाम हटाने (deletion) या शामिल करने पर आपत्ति (objection) दर्ज करने के लिए किया जाता है. इसे उस निर्वाचन क्षेत्र का कोई भी मतदाता भर सकता है.
मुस्लिम वोटरों के नाम हटाने के लिए 200 फॉर्म जमा किए, BJP का बूथ लेवल एजेंट गिरफ्तार
Jharkhand में BJP के BLA को पकड़ा गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने वोटर लिस्ट से Muslim voters के नाम को हटवाने के लिए कई Form 7 जमा किए थे. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में वो जमानत पर रिहा हो गए.

बीजेपी के जिस BLA पर ये आरोप लगा है, उसका नाम विनय कुमार मंडल है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले पर पचरुखी गांव के बूथ नंबर 231 के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और एक अन्य शिकायतकर्ता ने विनय पर आरोप लगाया है. दोनों ने बताया कि जिन वोटरों के नाम को हटवाने की कोशिश की गई, वो सभी ‘अल्पसंख्यक समुदाय’ के थे. इसके अलावा जो एप्लीकेशन दिए गए, वो सभी ‘अल्पसंख्यक समुदाय’ के वोटरों के ही नाम पर ही थे. इन एप्लीकेशन में BLO साजिदा बीबी और उनके पति का भी नाम शामिल था.
विनय मंडल के खिलाफ गुरुवार, 3 सितंबर को गोड्डा मुफस्सिल पुलिस स्टेशन ने FIR दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. BLA के खिलाफ मुकर्रम अंसारी नाम के शख्स ने भी शिकायत दर्ज कराई थी. मुकर्रम भी बूथ नंबर 231 के उन वोटरों की लिस्ट में शामिल हैं, जिनके नाम को हटाने के लिए विनय ने ‘फॉर्म 7’ जमा किया था. मुकर्रम ने अपनी शिकायत में बताया कि जिन वोटरों के खिलाफ विनय ने ‘फॉर्म 7’ जमा किया था, वो सभी असली वोटर हैं. अखबार से बात करते हुए मुकर्रम ने कहा,
BLO ने मामले की पुष्टि की‘BLO साजिदा बीबी को करीब 200 ‘फॉर्म 7’ जमा किए गए थे और ये सभी बूथ नंबर 231 के वोटरों से ही जुड़ा था. जब हमें पता चला कि इन फॉर्म के जरिए हमारे नाम हटाए जा सकते हैं तो हमने फौरन सीनियर अधिकारियों से शिकायत की.’
BLO साजिदा ने भी इस बात की पुष्टि की कि 29 अगस्त को उनके पास विनय करीब 200 ‘फॉर्म 7’ का एप्लीकेशन लेकर आया था. उन्होंने सभी फॉर्म को साजिदा के पति को दिए और रसीद देने को कहा. लेकिन साजिदा ने बताया कि उन्होंने उन फॉर्म पर साइन करने से मना कर दिया. क्योंकि, वो पहले फॉर्म्स की जांच करना चाहती थीं. साजिदा ने कहा,
‘फॉर्म की जांच करने पर पता चला कि वो सभी ‘फॉर्म 7’ थे, जिनमें मेरा और मेरे पति का नाम भी था.’
उन्होंने इसकी भी पुष्टि की कि विनय ने जो फॉर्म जमा किए थे, वो सभी ‘मुस्लिम वोटरों’ के थे. मामले पर इंस्पेक्टर आनंद साह ने कहा कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. विनय को गुरुवार, 3 सितंबर को गिरफ्तार किया गया, लेकिन कुछ ही घंटों के बाद जमानत पर उन्हें रिहा कर दिया गया. मामले पर खुद विनय ने भी अखबार से बात की. उन्होंने बताया कि उन्हें BLO के पास ‘फॉर्म 7’ जमा करने के लिए कहा गया था. शुरुआत में BLO साजिदा फॉर्म लेने और रसीद देने के लिए तैयार हो गई थीं. इसके लिए उन्होंने गुरुवार को पचरुखी गांव में फॉर्म लेने के लिए बुलाया था. लेकिन उन्हें कई लोगों ने घेरकर पीट दिया.
यह भी पढ़ें: 'दुनिया का बदला नक्शा मंजूर, लेकिन...', कश्मीर-लद्दाख पर भारत ने साफ बात समझा दी
विनय ने बताया कि उन्हें सुबह 9.30 से 1.30 बजे तक जबरन रोककर रखा गया. विनय ने ये माना कि उन्होंने जिन 200 लोगों के लिए ‘फॉर्म 7’ जमा किया था, उसमें ज्यादातर मुस्लिम वोटर थे. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले उनके गांव के एक BLA ने ऐसा ही किया था. उस फॉर्म में उनके गांव के ज्यादातर हिंदू आबादी के लोगों का नाम हैं.
वीडियो: UN World Map: भारत ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर क्या कह दिया?












