उत्तर प्रदेश के जौनपुर में लेखपाल को उनकी एक फेसबुक पोस्ट की वजह से सस्पेंड कर दिया गया है. चीनी के बढ़ते दामों पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा था, "चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर." तहसील प्रशासन ने इस पोस्ट को ‘नियमों का उल्लघंन’ बताया. मामला गंभीर मानते हुए लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
लेखपाल ने फेसबुक पर पोस्ट लिखी, 'चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर', हो गए सस्पेंड
Uttar Pradesh के जौनपुर में एक लेखपाल सस्पेंड हो गए हैं. उन्होंने Facebook पर 'चाय खतरे में है मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर' लिखा था. प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की है.

अशोक कुमार यादव जौनपुर की शाहगंज तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात हैं. सोमवार, 24 अगस्त को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक एक पोस्ट लिखी. यह पोस्ट चीनी के बढ़ते दामों से जुड़ी हुई थी. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई. इसके बाद तहसील प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, तहसीलदार सौरभ कुमार ने बताया कि एक सरकारी कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर शासन की नीतियों को लेकर टिप्पणी की, जो उचित नहीं है. उन्होंने कहा, ‘यह आचरण नियमों का घोर उल्लंघन था. तहसीलदार ने पुष्टि की कि एसडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं.’
अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी सेवा में रहते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों को सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट से बचना चाहिए. इससे विभाग की छवि को धक्का लग सकता है और विवाद खड़ा हो सकता है.
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75 रुपये तक बिक रही चीनीसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार 24 अगस्त को अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम रहा. एक महीने पहले चीनी के दाम 48.73 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 29 परसेंट ज्यादा है. इस दौरान चीनी का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 75 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि मॉडल प्राइस 65 रुपये प्रति किलोग्राम था.
फेस्टिव सीजन में केन्द्र सरकार ने इसकी जमाखोरी को रोकने के लिए कच्चे चीनी के आयात नियमों में संशोधन किया. नियमों के मुताबिक, आयातित कच्ची चीनी को दो महीने के भीतर रिफाइन करके घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य कर दिया गया है.
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