चीनी के बाद अब महंगा प्याज आम लोगों के 'आंसू' निकाल निकाल रहा है. कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अगस्त को प्याज का औसत खुदरा मूल्य बढ़कर लगभग 42 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. यह पिछले साल की तुलना में करीब 45 परसेंट ज्यादा है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट में प्याज के दाम में पिछले एक महीने में लगातार तेजी देखने को मिली है.
Onion Prices Surge: चीनी के बाद प्याज भी महंगा, फेस्टिव सीजन में रसोई का बजट बिगड़ा!
Onion Prices Hike: पिछले एक महीने में प्याज के दाम करीब 20 परसेंट उछले हैं. दिल्ली में प्याज 65 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रहा है. सरकार ने कीमतें कंट्रोल में रखने के लिए कुछ उपाय किए हैं.

एक महीने पहले की तुलना में प्याज के दाम करीब 20 परसेंट उछले हैं. कुछ प्रमुख शहरों में कीमतों में खास तौर पर तेजी से वृद्धि हुई है. दिल्ली में प्याज लगभग 65 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रहा था. पिछले साल इस दौरान प्याज की कीमतें 35 रुपये प्रति किलोग्राम थीं.
चेन्नई में 22 अगस्त को प्याज करीब 60 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था.चेन्नई में पिछले साल 22 अगस्त के आसपास प्याज का दाम 33 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास चल रहा था.
बाजार के जानकारों का कहना है कि देश में प्याज उत्पादन में नबंर एक राज्य महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में 5% से 7% की गिरावट की खबरें हैं. इस वजह से प्याज के दाम उछले हैं. कृषि कल्याण मंत्रालय के दूसरे पूर्वानुमान के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-27 (जुलाई-जून) में प्याज का उत्पादन 307 लाख टन रहने का अनुमान है. यह 2024-25 फसल वर्ष के उत्पादन के बराबर है.
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केन्द्र सरकार चलाने जा रही कांदा एक्सप्रेस ?रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार सोमवार 24 अगस्त से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' (प्याज ले जाने वाली ट्रेनें) चलाएगी. केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज की कीमतें काफी बढ़ी हुई हैं. इससे पहले बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अक्टूबर 2024 में नासिक से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों के लिए कांदा एक्सप्रेस चलाई थी.
प्याज के दाम कंट्रोल में रखने के लिए सरकार भी मैदान में उतर गई है. सरकार की ओर से सस्ते दामों पर प्याज बेचे जाएंगे. कीमतों में तेजी की वजह से कालाबाजारी और लोगों के स्टॉक जमा करने की आशंका रहती है. इसे रोकने के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं. रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा जा रहा है कि सरकार और किसानों दोनों के पास पर्याप्त भंडार है.
किसान सहकारी समिति नैफेड और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) ने चालू वित्त वर्ष के लिए बफर के तौर पर करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है. इसी साल मई में इन सभी एजेंसियों ने प्याज का खरीद मूल्य 1270 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था. हालांकि, पिछले हफ्ते दाम बढ़ाकर 2645 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया था किसान दाम बढ़ने से अपना प्याज बाजार में बेचें .
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