दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार, 21 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन हुआ. भारी संख्या में लोग ‘जाति-आधारित आरक्षण’ और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के इक्विटी नियमों का विरोध करने के लिए जुटे. इस आंदोलन में खास तौर से ‘जनरल’ और ‘अनारक्षित’ वर्ग के प्रदर्शनकारी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट का भी विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की.
जंतर-मंतर पर 'आरक्षण हटाओ' आंदोलन, UGC नियमों का भारी विरोध, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
दिल्ली के Jantar Mantar पर Reservation Hatao Andolan (RHA) के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन हुआ. आंदोलनकारियों ने जातिगत आरक्षण, यूजीसी नियमों और SC/ST एक्ट का विरोध किया. इस दौरान Delhi Police ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोटेस्ट 'रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन' के बैनर तले और NEET की तैयारी कर रहे हर्ष दुबे के नेतृत्व में हुआ. इस प्रोटेस्ट में 'जनरल सेना' और 'चाणक्य सेना' के साथ-साथ 'करणी सेना' भी शामिल हुई. सोशल मीडिया पर एक्टिव राइट-विंग और जनरल कैटेगरी एक्टिविस्ट्स ने इस आंदोलन का समर्थन किया और इसे आगे बढ़ाया.
हर्ष दुबे ने एक वीडियो में कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक यहीं रहेंगे जब तक वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन नहीं दे देते. उन्होंने कहा कि हम यहीं बैठेंगे और नरेंद्र मोदी को अपना ज्ञापन देने के बाद ही जाएंगे. हर्ष दुबे के मुताबिक, मुख्य मांग यह थी कि रिजर्वेशन का फायदा उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी असल में जरूरत है, इसके लिए सुधार किए जाएं.
दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों को भीड़ कंट्रोल के लिए जंतर-मंतर पर तैनात किया गया. जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन आगे बढ़ा, दिल्ली पुलिस और RAF के जवानों ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
‘X’ पर प्रोटेस्ट से जुड़े जो वीडियो शेयर किए गए, उनमें प्रदर्शनकारी कथित तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करते और ‘जय श्री राम’, ‘जय भवानी’ और 'भारत माता की जय' के नारे लगाते दिखे.
यह प्रदर्शन भारत की आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर किया गया था. कई प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि आरक्षण का फायदा आर्थिक हालात के आधार पर तय किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने UGC के उन नियमों के खिलाफ भी नारे लगाए, जिन पर अभी रोक लगी हुई है.
SC/ST एक्ट का विरोध कियाआज तक से जुड़े भरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि कानूनों का किसी के खिलाफ गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
प्रदर्शन की जगह को लेकर उलझनयह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद के बीच हुआ. आयोजक हर्ष दुबे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे लोगों को बाहर ही रोक दिया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि आयोजकों ने पुलिस के साथ घंटों बातचीत की और बाद में उन्हें प्रदर्शन को रामलीला मैदान में ले जाने के लिए कहा गया. यह जानकारी 'यूपी तक' की रिपोर्ट में सामने आई.
बाद में, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई. दिल्ली पुलिस ने एक पब्लिक नोटिस में कहा कि 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के पदाधिकारियों को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया था और सभी से ‘कानूनी निर्देशों का पालन करने और शांति बनाए रखने’ को कहा गया था.

शुक्रवार को जंतर-मंतर पर हुआ विरोध प्रदर्शन 'रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन' (RHA) के नेतृत्व में हफ्तों तक चली ऑनलाइन लामबंदी के बाद हुआ. रिजर्वेशन सुधारों की मांग करने वाले और UGC इक्विटी नियमों का विरोध करने वाले इस कैंपेन को राइटर आनंद रंगनाथन और वेंचर कैपिटल फर्म 'आरिन कैपिटल' के चेयरपर्सन और इन्फोसिस के पूर्व CFO मोहनदास पाई जैसे लोगों का समर्थन मिला.
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यह कैंपेन सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है. महाराष्ट्र के नागपुर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, राजस्थान के जयपुर और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बढ़ाया जाएगा.
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