The Lallantop

बेटी को पिता की जगह सरकारी नौकरी नहीं मिली, ताऊ के साथ मिलकर मां की हत्या करा दी

Jaipur में एक छात्रा ने सरकारी नौकरी के लालच में अपनी मां की हत्या करा दी. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी कर ली है. एक आरोपी अब भी फरार है.

Advertisement
post-main-image
बेटी ने रची मां के हत्या की साजिश. (फोटो- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • जयपुर की LLB छात्रा आयुषी ने मां नीरज शर्मा की सरकारी नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर हत्या कराई, जिसमें ताऊ और उसके बेटे भी शामिल थे।
  • आयुषी को पिता की सरकारी नौकरी के अनुकंपा पद की उम्मीद थी, पर मां ने खुद नौकरी शुरू की जिससे आयुषी नाराज थी और उसने हत्या की साजिश रची।
  • मामले में पुलिस ने अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार चचेरा भाई की भी तलाश जारी है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
author-image
शरत कुमार

राजस्थान के जयपुर में एक LLB छात्रा ने कथित तौर पर सरकारी नौकरी पाने के लिए अपनी मां की हत्या करा दी. आरोपी आयुषी के पिता राजस्थान हाई कोर्ट में काम करते थे. उनकी मौत के बाद आश्रित के तौर पर उनकी पत्नी को नौकरी मिली. बताया गया कि छात्रा इससे खुश नहीं थी. वो खुद ये नौकरी करना चाहती थी. इसीलिए उसने अपने ताऊ और उनके बेटे के साथ मिलकर मां की हत्या करा दी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

मृतक महिला की पहचान नीरज शर्मा के तौर पर हुई. वो जयपुर स्थित एयरपोर्ट कॉलोनी में अपने बेटे के साथ रहती थीं. इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के पति विजय शर्मा की करीब एक साल पहले मौत हो गई थी. वो राजस्थान हाई कोर्ट में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDA) थे. बेटी आयुषी ने पिता की सरकारी नौकरी करने की इच्छा जाहिर की थी. नीरज मान भी गईं, लेकिन अपने भाई की सलाह पर उन्होंने खुद नौकरी करने का फैसला किया.

रिपोर्ट के मुताबिक बैठे-बिठाई मिलने वाली नौकरी गंवाने से आयुषी नाराज हो गई. वो मां से अलग रहने लगी. लेकिन उसके असल इरादे कुछ और थे. आरोप है कि उसने पिता के बड़े भाई मोहन स्वरूप शर्मा और उसके बेटे बलराम के साथ मिलकर मां की हत्या करने की साजिश रची. उसने कथित तौर पर बाप-बेटे को करीब 10 करोड़ रुपये की कीमत की जमीन देने का वादा किया था.

Advertisement

साजिश के तहत तीनों ने नीरज को कार से कुचलने की कोशिश की थी. लेकिन ये प्रयास फेल हो गया. इसके बाद ताऊ मोहन ने हेमंत शर्मा नाम के एक शख्स से कॉन्टैक्ट किया. उसने हत्या के बदले 7 लाख रुपये मांगे. हेमंत ने एक स्कॉर्पियो को रेंट पर ली और आकाश शर्मा और अरविंद शर्मा नाम के दो लोगों को हायर किया. वहीं रेकी के लिए रोहित और मोहित नाम के लोगों की मदद ली गई. 

मृतक महिला के बेटे को कुछ मानसिक समस्या है. बीती 4 जुलाई को वो उसे लेकर डॉक्टर के पास गई थीं. उसी दौरान आयुषी ने उन्हें जरूरी काम बताकर घर आने के लिए कहा. नीरज लौटते वक्त एक रोड के किनारे से जा रही थी, इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी. इस बार उनकी मौत हो गई.

Jaipur
वारदात में शामिल कार.

बाद में आयुषी ने मां की मौत की जानकारी मामा को दी. लेकिन उसके हाव-भाव देखकर मामा को शक हो गया. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच करने की अपील की. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जल्दी ही आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई. पूछताछ में एक आरोपी दूसरे आरोपी के बारे में बताता चला गया. इस तरह एक आरोपी को छोड़कर बाकी सब धरे गए.

Advertisement

मामले की जानकारी देते हुए ACP हरि शंकर शर्मा ने कहा,

‘जिनकी एक्सीडेंट में डेथ हुई है, उनके हजबैंड पहले सरकारी नौकरी में थे. उनकी डेथ के बाद अनुकंपा नौकरी की बात आई, तो बेटी चाहती थी कि मैं (आयुषी) नौकरी ले लूं. लेकिन मदर खुद नौकरी करने लगी. इसलिए बेटी के दिमाग में आया कि ये नौकरी मुझे नहीं मिली और इस नौकरी को मैं ही लेकर रहूंगी.’

आजतक ने भी आरोपी आयुषी से बात करने की कोशिश की. मां की हत्या को लेकर कई सवाल किए. हालांकि, उसने किसी भी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया.

वारदात में शामिल आयुषी का चचेरा भाई बलराम घटना के बाद से ही फरार है. पुलिस उसे भी पकड़ने के लिए दबिश दे रही है.  

वीडियो: जम्मू-कश्मीर के शोपियां में लश्कर का टॉप कमांडर ज़ाकिर गनई ढेर

Advertisement