'मुस्लिम न भेजना' नोट के बावजूद आफताब पहुंचे डिलीवरी करने, आगे जो हुआ उसने चौंका दिया
Jaipur में एक शख्स ने फूड ऑर्डर करते समय नोट में लिखा कि 'मुस्लिम डिलीवरी बॉय को मत भेजना'. लेकिन उनका खाना डिलीवर करने के लिए एक मुस्लिम बॉय ही गया.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक शख्स ने फूड डिलीवरी ऐप स्विगी से ऐसी ‘अजीब’ मांग कर दी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. शख्स ने खाना ऑर्डर किया और नोट में लिखा कि ‘किसी मुस्लिम डिलीवरी बॉय को मत भेजना.’ ये मैसेज पॉप पप हुआ एक मुस्लिम डिलीवरी बॉय के फोन पर. उनका नाम आफताब खान था. आफताब के फोन पर जब ये नोटिफिकेशन आया तो उनके पास विकल्प था कि वो इस ऑर्डर की डिलीवरी कैंसिल कर देते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में आफताब के हवाले से बताया गया कि उन्हें एक इंसान के तौर पर यह मैसेज देखकर काफी दुख हुआ. इसलिए वो इस मैसेज के पीछे के इंसान को जानना चाहते थे और उसकी राय भी जानना चाहते थे कि उसने ऐसा क्यों किया? आफताब बताते हैं कि वो फूड ऑर्डर हाथ में लेकर अपार्टमेंट के तीसरे फ्लोर की सीढ़ियां चढ़ रहे थे. इस दौरान उनके मन में देश के सांप्रदायिक हालात को लेकर चिंता थी. लेकिन डिलीवरी लेकर पहुंचने के बाद जो हुआ उसने आफताब को भी चौंका दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, फूड ऑर्डर करने वाले कस्टमर ने एक प्यारी सी मुस्कान के साथ खाना लेने के लिए घर का गेट खोला. आफताब खान ने बताया कि ऑर्डर डिलीवर करते समय उन्होंने कस्टमर से उस ‘भेदभाव’ वाले नोट के बारे में पूछा. सवाल सुनते ही कस्टमर का रवैया बदल गया. उन्हें शर्मिंदगी होने लगी. आफताब के सवाल का जवाब देते हुए कस्टमर ने कहा कि ये नोट उन्होंने कभी गुस्से में लिख दिया था. अब उन्हें ये नहीं पता था कि इसे कैसे डिलीट किया जाता है.
आफताब बताते हैं कि उन्होंने इसके बाद कस्टमर से कोई बहस नहीं की. न ही उसे कोई लेक्चर दिया. उन्होंने कस्टमर का फोन लिया और फूड डिलीवरी ऐप से उस ‘टेक्स्ट नोट’ को हटा दिया, जिसमें ‘मुस्लिम डिलीवरी बॉय’ को न भेजने की बात लिखी थी. आफताब बताते हैं कि दोनों के बीच बातचीत हुई और कस्टमर ने उन्हें एक गिलास पानी पिलाया. बाद में वो लौट गए. खान ने एक अच्छा संदेश देते हुए कहा कि गलतियां सबसे होती हैं. उन्होंने मुझसे माफी मांग ली और इससे मेरे दिल को काफी राहत मिली.
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