IPS अजय पाल शर्मा को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहा जाता है. फिलहाल, पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए इन्हें ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया है. हालांकि, यूपी के तेज-तर्रार IPS बंगाल चुनाव में चर्चा में हैं. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पुलिस अधिकारी के लिए कहा कि हमारी नजर IPS अजय पर है, BJP इन्हें बचा नहीं पाएगी. बता दें कि इलेक्शन ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने की होती है.
यूपी के IPS अजय पाल शर्मा बंगाल चुनाव में क्यों हो रहे वायरल? TMC सांसद ने दे दी वॉर्निंग!
IPS Ajay Sharma viral video: IPS अजय शर्मा को पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए ऑब्ज़र्वर बनाकर भेजा गया है. एक वायरल वीडियो में वो TMC कैंडिडेट के घरवालों को धमकाते हुए नज़र आए. जिसके बाद पार्टी के नेताओं ने उन्हें घेर लिया.


पिछले कुछ दिनों से बंगाल के फाल्टा विधानसभा से TMC कैंडिडेट के लोगों को लगातार धमकाने की शिकायतें आने का दावा किया जा रहा है. कुछ वीडियो भी सामने आए थे, जिसमें विपक्ष के नेताओं पर भीड़ हमला करती दिखी. चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने और इन हमलों को रोकने के लिए IPS अजय पाल को बंगाल भेजा गया. फाल्टा में 29 अप्रैल को चुनाव होने हैं. यहां से TMC कैंडिडेट जहांगीर खान पर पब्लिक को धमकाने के आरोप हैं.
इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, जब IPS जहांगीर के घर पहुंचे तो जहांगीर घर पर नहीं थे. आसपास के लोगों और यहां तक की पुलिस ने भी जहांगीर की लोकेशन नहीं बताई. इसके बाद भी अजय पाल ने जहांगीर के घरवालों को वॉर्निंग दी और लौट गए. इसका एक वीडियो भी सामने आया.
इस पूरे मामले पर टीएमसी कैंडिडेट ने फिल्मी अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि खेला तुमने तुमने शुरू किया खत्म हम करेंगे। पिक्चर अभी बाकी है।
“ये लोग बहुत खेला दिखा रहे हैं। खेला तुम लोगों ने शुरू किया है ख़त्म हम करेंगे। पिक्चर अभी बाक़ी है मेरे दोस्त। अभी तो शुरू हुआ है और तुम लोग सोच रहे हो कुछ CRPF के लोगों को लेकर डोंगे हांकोगे। लेकिन अगर यहाँ के लोग पैदल चलें तो तुम लोग हवा में उड़ जाओगे। इसीलिए बीजेपी के दलाल सीआरपीएफ को कहूँगा कि यहाँ आकर जनसमुद्र देख कर जाओ। यहाँ एक एक मेरी माँ दुर्गा है। दुर्गा रूप के किस तरह असुर का वध करते हैं उन्हें पता है उसी तरह बीजेपी के दलाल सीआरपीएफ को किस तरह ज़ब्त और टाइट करना है उन्हें पता है। इसीलिए उनकी धमकियों की हमें परवाह नहीं है।”
पश्चिम बंगाल जाते ही IPS अजय का एक्शन वायरल हो गया. BJP के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने लिखा,
'यूपी पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और सिंघम को साउथ 24 परगना में तैनात किया गया. उन्होंने आते ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया. अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर खान के परिवार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी. संदेश साफ है: धमकाने और मनमानी करने का दौर खत्म हो गया है.'
तृणमूल कांग्रेस ने IPS अजय से जुड़ी कुछ न्यूजपेपर कटिंग्स को शेयर करके उन्हें यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का फेवरेट अधिकारी बताया. लिखा कि इनका ट्रैक रिकॉर्ड तो और भी खतरनाक है. जनवरी 2020 में अजय पाल रामपुर में SP के पद पर थे. इनका तबादला उन्नाव के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में कर दिया गया था. ये तबादला एक सनसनीखेज रिपोर्ट के बाद हुआ था. जिसमें उनका और पांच दूसरे आईपीएस अधिकारियों का नाम घोटाले में आया था. BJP सरकार को मजबूरन SIT टीम बनानी पड़ी थी, जिसने उनके खिलाफ जांच की सिफारिश की.
पार्टी ने लिखा, इन पर आपराधिक विश्वासघात, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश रचने का भी मामला दर्ज किया गया था. 30 साल की महिला ने एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप लगाया था कि अजय पाल ने उससे शादी की, दूसरी महिलाओं के साथ अपने संबंधों को छिपाया और बाद में जब उसने अपनी शिकायतें लेकर DGP से संपर्क किया तो उसे फंसा दिया गया था.
वहीं, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने लिखा,
'मेरा फेयर एंड लवली बबुआ हम तो वो लोग हैं जो कायदे से आपके छोटे फैंटा और बड़ा फैंटा का इलाज कर देते हैं. हीरोगिरी थोड़ा संभाल कर कीजिएगा.'
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी वीडियो शेयर करते हुए कहा कि BJP ने अपने एजेंट बंगाल भेज दिए हैं. उन्होंने लिखा,
‘ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं. हम ना इन्हें भागने देंगे, न अंडरग्राउंड होने देंगे. ये खोज के लाए जाएंगे, कानूनी सज़ा भी पाएंगे.’
IPS अजय शर्मा का बैकग्राउंडजिस IPS की इतनी चर्चा हो रही है, अब आपको उनके बारे में भी बता देते हैं. अजय पाल शर्मा 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में एनकाउंटर्स की वजह से चर्चा में रहे हैं. फिलहाल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस कमिश्नरेट के पद पर हैं. बंगाल में पहले फेज़ की वोटिंग 23 तारीख को हो चुकी है. दूसरे फेज़ की वोटिंग 29 अप्रैल को होनी है. नतीजे 4 महीने को आएंगे.
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