भारत ने H-1B वीजा वाले भारतीय नागरिकों पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के कमेंट का जवाब दिया है. जेडी वेंस ने भारतीय नागरिकों को ‘बंधुआ मज़दूर’ कहा था. अब विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जेडी वेंस ने ‘बेहद आपत्तिजनक’ और ‘नाजायज़’ लफ्ज़ का इस्तेमाल किया है. वॉशिंगटन ने कई टेक कंपनियों के लिए इमिग्रेशन प्रोग्राम को रोक दिया है.
'बंधुआ मजदूर' वाले बयान पर, विदेश मंत्रालय का जेडी वेंस को करारा जवाब
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा वाले भारतीय नागरिकों पर टिप्पणी की थी. भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वेंस ने 'बंधुआ मजदूर' टर्म का इस्तेमाल किया था. अब भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है.

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के फ़ैसले की जानकारी है. मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘PERM’ प्रोग्राम H-1B वीज़ा प्रोग्राम से अलग है. सरकार ने कहा कि ‘PERM’ आवेदनों पर रोक लगने से योग्य कर्मचारियों के H-1B वीजा की वैलिडिटी पर सीधा असर नहीं पड़ता है. हालांकि स्थायी निवास की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है.
जेडी वेंस को भारत का करारा जवाबफर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रोफेशनल के योगदान का बचाव किया. भारत ने कहा कि टैलेंट मोबिलिटी से इनोवेशन, रिसर्च, प्रोडक्टिविटी, कॉम्पिटिटिवनेस और रोज़गार पैदा करने में मदद मिलती है. इससे दोनों देशों को फ़ायदा होता है.
स्टेटमेंट के मुताबिक, अमेरिका का ये फैसला दोनों देशों के साझा लक्ष्यों को आगे नहीं बढ़ाता है. सरकार ने इस मुद्दे पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति की टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई. भारत ने अमेरिका को शेप करने में प्रवासियों की भूमिका का भी ज़िक्र किया. कहा कि प्रवासियों की कई पीढ़ियों ने अपनी मेहनत, उद्यम और इनोवेशन के ज़रिए देश की तरक्की और खुशहाली में योगदान दिया है.
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PERM क्या है?'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' (PERM) के तहत अमेरिकी कंपनियों को विदेशी वर्कर्स को परमानेंट रेजिडेंसी (स्थायी निवास) के लिए स्पॉन्सर करने की सुविधा मिलती है. अब ट्रंप प्रशासन ने ये व्यवस्था खत्म करने का ऐलान किया है. अमेरिकी लेबर विभाग ने माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, कैपजेमिनी, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, HCL और कॉग्निजेंट जैसी आठ बड़ी IT कंपनियों के लिए PERM को सस्पेंड कर दिया गया है.
जेडी वेंस ने साफ़ कहा कि इन कंपनियों को "विदेशी बंधुआ मज़दूरों" से बदलने के बजाय "बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों" को काम पर रखने की ज़रूरत है. इसी बयान पर भारत का जवाब आया है.
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