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डल झील पर चलती हाउसबोट में हुई थी ब्रिटिश लड़की की हत्या, सालों बाद आरोपी की मेंटल कंडीशन की जांच होगी

महज 24 साल की उम्र में सारा ग्रोव्स की हत्या की गई थी. 6 अप्रैल 2013 को श्रीनगर की डल झील में न्यू ब्यूटी हाउसबोट के एक कमरे में उनकी लाश मिली थी. उनके शरीर पर 43 चोटें थीं. मामले में नीदरलैंड के नागरिक रिचर्ड डी विट को गिरफ्तार किया गया था.

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कश्मीर की एक हाउसबोट में सारा ग्रोव्स की हत्या की गई थी. (सांकेतिक तस्वीर - Courtesy: PTI)

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  • श्रीनगर के एक कोर्ट ने 2013 में ब्रिटिश लड़की सारा ग्रोव्स की हत्या के आरोपी नीदरलैंड के नागरिक रिचर्ड डी विट की मानसिक और शारीरिक जांच कराने का आदेश दिया है, जांच 29 अक्टूबर को होगी।
  • 2013 में डल झील के हाउसबोट में सारा ग्रोव्स की हत्या के बाद आरोपी की कथित मानसिक स्थिति और लंबित मुकदमे के कारण ट्रायल कई बार रुका है, आरोपी जांच व इलाज में सहयोग नहीं कर रहा है।
  • आरोपी की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल टीम में मनोचिकित्सक व जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिससे आगे की कानूनी कार्यवाही और मुकदमे की स्थिति तय होगी।

2013 में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ब्रिटिश लड़की सारा ग्रोव्स की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है. 24 साल की सारा का डल झील की एक हाउसबोट में मर्डर हुआ था. श्रीनगर के एक कोर्ट ने हत्या के आरोपी नीदरलैंड के नागरिक रिचर्ड डी विट की मानसिक और शारीरिक कंडीशन की नए सिरे से जांच कराने का आदेश दिया है.

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29 अक्टूबर को श्रीनगर की सेंट्रल जेल में डॉक्टरों की टीम आरोपी की जांच करेगी. इसका मकसद ये पता लगाना है कि आरोपी मौजूदा स्थिति में मुकदमे को समझने और अपनी ओर से कानूनी कार्यवाही में हिस्सा लेने के काबिल है या नहीं.

आरोपी की मानसिक स्थिति की होगी जांच

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की सुनवाई कर रहे सेकेंड एडिशनल सेशंस जज ने कहा कि केस लंबे समय से लंबित है. आरोपी की कथित मेडिकल और खासकर मेंटल कंडीशन के कारण कई बार ट्रायल की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई है.

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सहयोग नहीं कर रहा आरोपी

कोर्ट के मुताबिक, जेल अधिकारियों की रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी मनोचिकित्सकों से परामर्श, अस्पताल में भर्ती होने, मेडिकल जांच और डॉक्टरों के बताए इलाज में सहयोग नहीं कर रहा है. उसने जांच और इलाज के लिए जेल से बाहर मेडिकल सेंटर जाने से भी इनकार किया है.

कोर्ट ने कहा कि आरोपी की हालत का फैसला केवल उसके बर्ताव या ज्यूडिशियल नजरिए के आधार पर नहीं किया जा सकता. इसके लिए स्पेशल डॉक्टरों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है. मेडिकल टीम में मनोचिकित्सक और जनरल मेडिसिन के विशेषज्ञ शामिल होंगे.

2013 में हाउसबोट के कमरे में मिली थी लाश

महज 24 साल की उम्र में सारा ग्रोव्स की हत्या की गई थी. 6 अप्रैल 2013 को श्रीनगर की डल झील में न्यू ब्यूटी हाउसबोट के एक कमरे में उनकी लाश मिली थी. उनके शरीर पर 43 चोटें होने की बात रिपोर्टों में सामने आई थी.

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पुलिस ने हत्या के कुछ घंटे बाद ही डच नागरिक रिचर्ड डी विट को गिरफ्तार कर लिया था. उस वक्त उसकी उम्र 43 साल थी. पुलिस के मुताबिक, उसे श्रीनगर से करीब 70 किलोमीटर दूर काजीगुंड में पकड़ा गया था. आरोप था कि वो हत्या के बाद घाटी से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त रिचर्ड के कपड़े गीले थे, उसके पैरों में जूते नहीं थे और उसके पास पासपोर्ट था.

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