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क्या है 'भट्टी गैंग' जिसे भारत ने आतंकी संगठन घोषित किया है?

भारत सरकार ने Pakistan की Shahzad Bhatti गैंग को Terrorist Organization घोषित कर दिया है. यह जानकारी खुद गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई.

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भट्टी गैंग के कुछ मेंबर्स की तस्वीर. (Courtesy: ITG )

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  • भारत सरकार ने ISI समर्थित भट्टी गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित कर देश के 14 राज्यों में बड़ी कार्रवाई कर 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और इस नेटवर्क को खत्म कर दिया है।
  • भट्टी गैंग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से फंड और हथियार प्राप्त कर भारत में आतंकवादी गतिविधियों, हथियार तस्करी और सामाजिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।
  • सुरक्षा बलों की कार्रवाई से इस नेटवर्क के खतरनाक हमलों के मंसूबे नाकाम हुए हैं और आगे भी इस प्रकार के आतंकवादी नेटवर्क को रोकने के लिए सतर्कता और जांच जारी रखी जाएगी।
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जितेंद्र बहादुर सिंह

भारत सरकार ने भट्टी गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. इस गैंग को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (इंटर सर्विस इंटेलिजेंस) का समर्थन है. 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के 14 राज्यों में इस गैंग के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी. इसमें करीब 200 लोगों को गिरफ्तार और 253 लोगों को हिरासत में लिया गया. गैंग के खिलाफ 80 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं. इनमें UAPA के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट जैसे कानूनों की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. 

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बुधवार, 16 सितंबर को गृह मंत्रालय की ओर एक्स पर शेयर किए पोस्ट में लिखा गया,

‘मोदी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी गुट ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को खत्म कर दिया. साथ ही 200 से ज्यादा नेटवर्क के मेंबर को गिरफ्तार करके उसके खतरनाक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया है.’

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गृह मंत्रालय का पोस्ट.

पोस्ट में बताया गया कि भारतीय सुरक्षा बलों ने देश के 14 राज्यों में अलग-अलग जगह पर ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को नष्ट कर दिया है. मंत्रालय ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के लिए भारत की ‘जीरो-टॉलरेंस’ पॉलिसी का बढ़िया उदाहरण बताया है. मंत्रालय ने आगे पोस्ट में लिखा,

‘ISI से फंड पाने वाले इस गैंग के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किए गए हैं. इनमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस पाए गए हैं. साथ ही जासूसी में इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे में भी मिले है. ये नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था.’

भट्टी गैंग लगातार भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर रहा है. इंडिया टुडे से जुड़े जितेंद्र बहादुर सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है. इसके अलावा युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद में शामिल करने, देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक व्यवस्था को निशाना बनाने और नफरत फैलाने वाले कॉन्टेंट को सर्कुलेट करने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है.

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यह गैंग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बरगलाने और उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने का काम करता है. इसके लोकल ऑपरेटिव एक-दूसरे से काफी कम कॉन्टैक्ट रखते हैं. इसका मकसद गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क को पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों से बचाना होता है. जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह भी पता चला है कि इस गैंग के लोग संवेदनशील जगहों की रेकी करते थे. इनमें धार्मिक, प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़े ठिकाने शामिल हैं. कुछ मामलों में CCTV कैमरे लगाकर निगरानी करने के भी आरोप लगे हैं. 

भट्टी गैंग का नाम कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है. इनमें ग्रेनेड हमले, IED विस्फोट, पेट्रोल बम हमले और टारगेट किलिंग से जुड़े मामले शामिल हैं. इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, भट्टी गैंग से जुड़े 4 आतंकवादियों के नाम सामने आएया हैं. इन चारों की पहचान आबिद जट्ट, अजमल गुर्जर, हुनैन राणा और हसन गुर्जर के तौर पर हुई है. इन चारों पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपनी गैंग में जोड़ने का आरोप है.

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