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'सब झूठ है', UPI पर चार्ज लगाने को लेकर सरकार का पुराना पोस्ट पढ़ा क्या?

UPI Payments charges: UPI पर चार्ज लगाने के फैसले पर केंद्र सरकार की काफी आलोचना हो रही है. इसे वापस लेने की मांग की जा रही है. इस बीच सरकार का एक 2025 का पोस्ट भी वायरल हो रहा है. जिसमें कहा गया था कि UPI पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.

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वित्त मंत्रालय ने 2025 में कहा था कि UPI पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. (कर्टसी-इंडिया टुडे)

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  • केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर 2026 से 2000 रुपये से अधिक के चुने हुए UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन होगी।
  • इस निर्णय का कारण पिछले वर्ष से चल रही वित्तीय नीति और डिजिटल पेमेंट पर चार्ज लगाने की योजना है, जबकि पहले वित्त मंत्रालय ने UPI पर कोई चार्ज नहीं लगाए जाने की घोषणा की थी।
  • इस नई नीति के प्रभाव में पेट्रोल पंप डीलरों ने MDR चार्ज से छूट की मांग की है और अगर सुविधा नहीं मिली तो वे 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट लेने से इनकार कर सकते हैं।

“UPI पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.” पढ़कर हैरानी हुई न. पता था. जो भी ये पढ़ रहा है उसे हैरानी ही हो रही है. केंद्र सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के तहत चार्ज लगाने का फैसला लिया है. और ये फैसला बदला भी नहीं है. तो फिर ये लाइन कहां से आई है? ये भी सरकार की ही लाइन है सरकार! लेकिन अभी की नहीं है. पिछले साल की है.

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यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर चार्ज लगाने के फैसले को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की काफी आलोचना हो रही है. चार्ज लगाने के पीछे ‘अमेरिकी दबाव’ होने का आरोप भी लगाया जा रहा है. UPI पेमेंट पर MDR चार्ज अब एक हकीकत है, लेकिन सरकार इस पर लगातार सफाई दे रही है. क्योंकि एक साल पहले इसी सरकार ने UPI पर चार्ज लगाए जाने की ‘अफवाहों’ को सिरे से नकार दिया था.

वित्त मंत्रालय ने 11 जून, 2025 को X पर एक पोस्ट किया था. इसमें कहा गया,

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"UPI लेनदेन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) चार्ज किए जाने की अटकलें और दावे पूरी तरह से झूठे, निराधार और भ्रामक हैं. इस तरह की निराधार और सनसनी पैदा करने वाली अटकलें हमारे लोगों के बीच गैरजरूरी अनिश्चितता, डर और शक पैदा करती हैं. सरकार UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."

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वित्त मंत्रालय का 2025 का पोस्ट. (कर्टसी-FinMinIndia)

दरअसल, पिछले साल खबर आई थी कि भारत सरकार 3000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर MDR लागू कर सकती है. यानी 3000 हजार रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगा सकती है.

इसके बाद ही सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय ने ये पोस्ट कर दिखाना चाहा कि UPI पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा. इस फैसले पर उसने खुद को कमिटेड बताया, लेकिन एक साल बाद बात पलट गई. नए फ्रेमवर्क में UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लगेगा. बस यहां लीमिट 3000 रुपये नहीं है. 

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अब सरकार ने कहा है कि 15 अक्टूबर, 2026 से 2 हजार रुपये से ज्यादा के चुनिंदा UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा. इसकी मैक्सिमम लिमिट 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी. ये शुल्क मर्चेंट, आसान भाषा में कहें तो व्यापारियों से लिया जाएगा.

सरकार ने साफ किया है कि पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क अब भी नहीं होगा. उसका कहना है कि करीब 96% मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन भी इस शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे. MDR वो फीस होती है जो बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर तब व्यापारी से वसूलते हैं, जब कोई ग्राहक व्यापारी को पेमेंट करता है.

पेट्रोल पंप डीलर्स ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

UPI को लेकर सरकार के इस नए रुख से सियासी और व्यापारिक हलकों में गहमागहमी है. लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार से मांग की है कि इस फैसले को वापस लिया जाए. दूसरी तरफ पेट्रोल पंप डीलर्स ने छूट मांगी है. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल पंप डीलरों ने सरकार से UPI पर लगने वाले MDR से फ्यूल रिटेलर्स को छूट देने की अपील की है. उनका तर्क है कि पेमेंट पर लगने वाला छोटा सा चार्ज भी उनके पहले से ही कम मार्जिन पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है. ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AIPDA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. लेटर में उन्होंने पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट के लिए MDR से छूट की मांग की है. चाहे ट्रांजैक्शन की वैल्यू कुछ भी हो.

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डीलरों ने चेतावनी दी है कि छूट नहीं दी गई, तो कुछ फ्यूल स्टेशन 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट लेने से इनकार कर सकते हैं. या इसके लिए ग्राहकों को डीमोटिवेट कर सकते हैं. ताकि वे अपना मार्जिन बचा पाएं. एसोसिएशन का कहना है कि अगर 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर 5 रुपये भी चार्ज लिया गया, तो पंपों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा.

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