The Lallantop

गणेश विसर्जन करने गए 6 छात्रों की पानी में डूबकर मौत, तैरना नहीं आता था

Sangareddy Ganesh immersion Six students drown: संगारेड्डी में गणेश विसर्जन के दौरान छह छात्रों की डूबने से मौत हो गई. किसी भी मृतक को तैरना नहीं आता था. सभी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

Advertisement
post-main-image
मृतक सिरिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट के छात्र थे. (COURTESY/REPRESENTATIVE IMAGE- इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • तेलंगाना के संगारेड्डी में गणेश विसर्जन के दौरान छह युवकों की डूबने से मौत हो गई, जो नेरेडू चेरूवु झील में विसर्जन के लिए पानी में उतरे थे और तैरना नहीं जानते थे।
  • युवकों का पानी में डूबना इसी वजह से हुआ कि गणेश मूर्ति के वजन से जमीन धंसी और वे नीचे गिर गए, जबकि उनके सीनियर्स ने अंदर न जाने की चेतावनी दी थी।
  • मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर गृहनगर भेजने की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें स्थानीय विधायक ने निजी फंड से एम्बुलेंस उपलब्ध कराई है।

तेलंगाना के संगारेड्डी में गणेश विसर्जन के दौरान छह युवकों की डूबने से मौत हो गई. मृतक विसर्जन के लिए नेरेडू चेरूवु झील में उतरे थे. बताया जा रहा है कि उनको तैरना नहीं आता था. ऐसे में जब उनका बैलेंस बिगड़ा तो वे पानी से बाहर नहीं आ पाए और डूब गए. बाद में लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

Advertisement

इंडिया टुडे से जुड़े अब्दुल बशीर की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 16 सितंबर की शाम करीब 7 बजे हुई. कुछ लोगों का एक समूह गणेश विसर्जन के लिए गांव के बाहरी इलाके में गया था. ग्रुप में शामिल एक छात्र ने बताया,

“हम B.Tech के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट हैं. गणेश विसर्जन के लिए गए थे. नदी में विसर्जन के लिए जब हम अंदर गए, तो लगभग 10-11 लोग वहां थे. उनमें से छह लोग मूर्ति को थोड़ा और आगे ले जाने के लिए पानी में उतरे. तभी अचानक जमीन धंस गई और वे पानी में गिर गए.

Advertisement

छात्र ने बताया कि उनके सीनियर बाहर थे. उन्होंने उन युवकों को अंदर न जाने की चेतावनी दी थी. छात्र का कहना है कि गणेश की मूर्ति के वजन के कारण जमीन अचानक धंसी होगी.

सिरिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट के छात्र थे मृतक

मृतक छात्रों की पहचान सिद्धार्थ (17 वर्षीय), नरसिम्हा राजू (21 वर्षीय), सुमंत रेड्डी (17 वर्षीय), गणेश (18 वर्षीय), उदय किरण (22 वर्षीय) और श्याम कुमार (17 वर्षीय) के रूप में हुई है. सिद्धार्थ 10वीं क्लास का छात्र था. नरसिम्हा बी.टेक की पढ़ाई कर रहा था और सुमंत, गणेश व उदय पॉलिटेक्निक के छात्र थे. ये सभी स्थानीय शिक्षण संस्थान 'सिरिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट' में पढ़ते थे.

ये भी पढ़ें: कानपुर कारोबारी मर्डर केस: बहू के साथ बेटा भी था शामिल? वसीयत और फोन कॉल से उलझी मिस्ट्री

Advertisement

सिरिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट बेघर और अनाथ बच्चों के लिए एक देखभाल केंद्र है. इस ट्रस्ट में पहली कक्षा से लेकर पॉलिटेक्निक और बी.टेक तक के लगभग 70 छात्र रहते हैं.  

मृतकों के शव को गृहनगर भेजा जाएगा

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के बाद पाटनचेरु के विधायक गुडेम महिपाल रेड्डी ने अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गुरुवार सुबह 10 बजे तक पोस्टमार्टम पूरा करें. और एम्बुलेंस से शवों को उनके संबंधित होम टाउन तक पहुंचाने की व्यवस्था करें. विधायक ने कहा कि उन्होंने अपने निजी फंड से एम्बुलेंस की व्यवस्था की है.

विधायक ने बताया कि मृतकों में से दो विजयवाड़ा से, दो वारंगल से और दो कुकटपल्ली से थे. ट्रस्ट पिछले 15 वर्षों से उसी स्थान पर गणेश विसर्जन का आयोजन कर रहा था.

वीडियो: मास्टर जी इन द न्यूज़रूम: सावरकर, नेताजी और क्रांतिकारियों की कहानी

Advertisement