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भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों के लिए बंद किया एयरस्पेस, ये झटका पड़ोसी झेल नहीं पाएगा

भारत का ये फैसला आर्थिक चुनौतियों और भारी कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए बहुत बुरे दिन ला सकता है. इस प्रतिबंध के कारण पाकिस्तान की उड़ानों को लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ेंगे, जिससे उनकी ऑपरेशनल लागत बढ़ेगी और यात्रा का समय भी बढ़ेगा. इसका सीधा असर पड़ोसी मुल्क की पहले से बिगड़ी माली हालत पर पड़ना तय है.

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2019 के बालाकोट हवाई हमले के बाद भी भारत ने ऐसा ही कदम उठाया था. (फोटो- X)

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  • जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को तुरंत बंद करने का निर्णय लिया है, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लागू किया है।
  • पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव, पहलगाम हमले, पाकिस्तानी सैन्य राजनयिक कर्मचारियों को अवांछित घोषित करना और वीजा रद्द करना इस एयरस्पेस प्रतिबंध के कारण बने हैं।
  • इस एयरस्पेस बंदी से पाकिस्तान की उड़ानों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा, जिससे उनकी ऑपरेशनल लागत बढ़ेगी और इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक व आर्थिक प्रभाव देखने को मिलेंगे।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को बंद करने का फैसला किया है. भारत सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए ये कदम उठाया है. इससे पहले पाकिस्तान ने भारत की फ्लाइट्स के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया था.

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2019 के बालाकोट हवाई हमले के बाद भी भारत ने पाकिस्तानी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बार फिर से सभी पाकिस्तानी एयरलाइंस को तत्काल प्रभाव से भारतीय हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया है. 

भारत का ये फैसला आर्थिक चुनौतियों और भारी कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए बहुत बुरे दिन ला सकता है. इस प्रतिबंध के कारण पाकिस्तान की उड़ानों को लंबे वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ेंगे, जिससे उनकी ऑपरेशनल लागत बढ़ेगी और यात्रा का समय भी बढ़ेगा. इसका सीधा असर पड़ोसी मुल्क की पहले से बिगड़ी माली हालत पर पड़ना तय है.

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इससे पहले पहलगाम हमने के अगले दिन भारत ने कूटनीतिक स्तर पर कई कड़े कदम उठाए थे. जिनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना, अपने उच्चायोग में पाकिस्तानी सैन्य राजनयिक कर्मचारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित करना शामिल था. साथ ही भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को दिए गए सभी वीजा भी रद्द कर दिए थे. भारत के इस कदम के बाद इस्लामाबाद ने भी कुछ कदम उठाए थे. उसने भारत के साथ सभी व्यापार को खत्म कर दिया था. साथ ही भारतीय एयरलाइनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था, और शिमला समझौते सहित सभी द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित भी कर दिया था.

पाकिस्तान ने दी चेतावनी

पाकिस्तान और भारत में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के साथ 30 अप्रैल को रावलपिंडी में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की. भारत को चेतावनी देते हुए पाकिस्तान ने कहा कि वो कोई आक्रामक कदम नहीं उठाएगा, लेकिन वो किसी भी उकसावे का निर्णायक जवाब देगा.

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लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए डार ने भारत की अस्थिरता पैदा करने वाली कार्रवाइयों और भड़काऊ बयानों पर पाकिस्तान की गंभीर चिंताओं के बारे में बताया. जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा,

“पाकिस्तान निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करता है, लेकिन ये समझना महत्वपूर्ण है कि आतंकवाद से काफी पीड़ित होने के कारण पाकिस्तान प्रभावित लोगों के दर्द को समझता है. आतंकवाद के शिकार के रूप में, पाकिस्तान से बेहतर कोई भी प्रभावित लोगों के दर्द को महसूस नहीं कर सकता है.”

डार ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने पहलगाम हमले पर अपनी संवेदना व्यक्त की है और इसकी कड़ी निंदा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के साथ बातचीत की है.

वीडियो: पहलगाम हमले पर ओवैसी ने पाकिस्तान को बुरा लताड़ दिया

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