हरियाणा की अनाज मंडियों में धान और बाजरे की खरीद जारी है. इसी बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खरीद की व्यवस्था की समीक्षा की है. सीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि फसल बेचने के दौरान किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए. हरियाणा सरकार का फोकस इस बात पर है कि खरीद के साथ-साथ फसल का तत्काल उठान और पेमेंट होता रहे. सरकार के मुताबिक, हरियाणा में अब तक करीब 5 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है.
धान की खरीद तेज, उठान और पेमेंट पर CM सैनी की नजर; बाजरे पर 2900 तक का भाव
हरियाणा की मंडियों में अब तक करीब 5 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है. CM नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को खरीद के साथ फसल के तत्काल उठान और समय पर भुगतान के निर्देश दिए हैं. बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव सुनिश्चित करने की बात कही गई है.

मंडियों में जैसे-जैसे धान की सप्लाई बढ़ रही है, वैसे-वैसे उठान की रफ्तार भी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं. उठान का मतलब ऐसे समझिए कि खरीद की फसल को सुरक्षित गोदामों तक पहुंचाना. अक्सर ऐसा होता है कि मंडियों में ज्यादा फसल आने पर वहां भीड़ हो जाती है. लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है. सरकार को फोकस इस पर भी है कि भीड़ जैसी स्थिति न बने.
अब बात करते हैं बाजरे की. हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए बाजरे की कीमत 2900 रुपये प्रति क्विंटल की MSP सुनिश्चित करने की बात कही है. बाजरे की सरकारी खरीद 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी. अगर खुले बाजार में बाजरे का भाव 2,300 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा रहता है. तो भावांतर भरपाई योजना के जरिए किसान को 2,900 प्रति क्विंटल तक का भाव सुनिश्चित किया जाएगा. भावांतर भरपाई योजना हरियाणा सरकार की एक खास योजना है. इसके तहत किसानों को बाजार में फसल के न्यूनतम दाम से कम मिलने पर, दोनों के बीच का अंतर सीधा उनके बैंक खाते में दिया जाता है इस व्यवस्था के तहत किसान को अधिकतम 600 प्रति क्विंटल तक का भावांतर लाभ मिल सकता है. इसके अलावा बाजरे की खरीद निजी डीलरों के जरिए भी जारी रहेगी.
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अधिकारी लगातार करेंगे दौरामंडियों में व्यवस्था पर निगरानी के लिए हर मंडी में HCS स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है. सचिवों को भी मंडियों का दौरा कर खरीद और उठान की स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, पिछले साल की बची धान को लेकर राइस मिलर्स की समस्या पर भी सरकार ने टीम गठित की है. व्यापारियों की सुविधा के लिए 2777 रुपये प्रति क्विंटल की राशि तय की गई है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. साथ ही खरीद, उठान और भुगतान की पूरी व्यवस्था लगातार सुचारू बनी रहे.
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