गाजियाबाद के रहने वाले गिरधर सिंह को पुलिस ने मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. कुछ दिन बाद वो रिहा भी हो गए. जेल से छूटने के बाद उन्हें घर आना था लेकिन वो घर पहुंचे नहीं. परिवार ने काफी वेट किया. गिरधर वापस नहीं आए तो थाने में मिसिंग रिपोर्ट लिखवा दी. पुलिस ने जांच शुरू की. इसी दौरान मसूरी नहर में एक शव मिला. पुलिस ने शव की सूचना परिजन को दी. परिवार ने मान लिया कि वो लापता गिरधर का ही शव है. लाश का अंतिम संस्कार हो गया. तेरहवीं भी हो गई.
परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार भी कर दिया, 13 दिन बाद वो घर के दरवाजे पर था
Ghaziabad missing man returns home: गाजियाबाद का रहने वाला एक शख्स मारपीट के आरोप में जेल गया था. लेकिन कुछ ही दिन बात रिहा हो गया. परिवार को लगा कि उनका बेटा घर आ जाएगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं, परिवार को पुलिस से एक शव मिलने की सूचना मिली.


फिर अचानक से इस कहानी में ट्विस्ट आता है. तेरहवीं के अगले दिन एक शख्स घर के दरवाजे पर दस्तक देता है, जिसे देखकर परिवार के लोग हक्का-बक्का रह जाते हैं. ये शख्स कोई और नहीं था. खुद गिरधर सिंह थे, जिसकी तेरहवीं करके परिवार अभी-अभी फारिग हुआ था.
गिरधर पर आरोप क्या थे?गिरधर सिंह की उम्र 40 साल के आसपास है. वह गाजियाबाद के वैशाली के रहने वाले हैं. 16 मई को गिरधर के खिलाफ शैलेश वर्मा और उसके भाईयों ने शिकायत दर्ज कराई थी. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया,
आरोप है कि गिरधर ने शैलेश पर हथौड़े से हमला किया, जिससे उसके सिर पर 12 टांके आए. इस घटना के बाद गिरधर को BNSS की धारा 170 (एहतियाती गिरफ्तारी) के तहत डासना जेल भेजा गया. कुछ दिनों बाद उसे रिहा कर दिया गया.
रिहा होने के बाद गिरधर घर नहीं पहुंचे, जिसके बाद उनकी मां ने मसूरी पुलिस थाने में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज करवा दी. इसके बाद 12 जून को मसूरी नहर में एक शव मिला. जिसकी पहचान परिवार ने गिरधर के तौर पर की. शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें मौत की वजह डूबना बताई गई. फिर शव परिवार को सौंप दिया गया. गिरधर के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की गई है. पुलिस ने बताया कि शैलेश और कई अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में FIR दर्ज की गई थी. परिवार ने अंतिम संस्कार के बाद तेरहवीं भी कर दी. लेकिन 25 जून को गिरधर घर पर वापस आ गए.
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पुलिस अधिकारी के मुताबिक, परिवार ने दावा किया था कि शव गिरधर का ही है. उन्हें पूरा यकीन था. अगर जरा भी शक होता तो DNA टेस्ट कराया जाता. लेकिन ऐसा नहीं था और हमने भी उसे मान लिया. हम मामले की दोबारा जांच कर रहे हैं. गिरधर के परिवार से पूछताछ करेंगे. पुलिस का मानना है कि जेल से रिहा होने के बाद गिरधर पंजाब में राधास्वामी सत्संग व्यास चला गया था. अब मामले की जांच अलग नजरिए से की जा रही है.
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