कांग्रेस और विपक्षी दलों के 9 घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन का चुनाव आयोग ने 6 पॉइंट्स में जवाब दिया है. प्रदर्शनकारी नेताओं की डिमांड थी कि वो मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं और उन्हें ‘वोट चोरी’ के बारे में बताना चाहते हैं. आयोग ने इस पर जवाब दिया कि मंगलवार, 6 अक्टूबर की शाम 4 बजे तक किसी भी पार्टी ने अपने किसी प्रतिनिधि के जरिए चुनाव आयोग (मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं) से मीटिंग के लिए समय नहीं मांगा था.
विपक्षी सांसदों से क्यों नहीं मिले ज्ञानेश कुमार? चुनाव आयोग ने 'प्रोटोकॉल' में जवाब दिया है
SIR में कथित अनियमितताओं के खिलाफ करीब 9 घंटे चले विपक्षी प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने 6 पॉइंट में अपना पक्ष रखा. ECI ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी भी पार्टी ने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक के लिए समय नहीं मांगा था.

आयोग ने आगे कहा कि फिर भी वह प्रदर्शन करने वाले सांसदों से मिलने का रास्ता निकाल रहा था. लेकिन सांसद मीटिंग के लिए जरूरी प्रोटोकॉल मानने को तैयार नहीं हुए. उन्होंने CEC के अलावा चुनाव आयोग के किसी और प्रतिनिधि से मिलने से इनकार कर दिया.
चुनाव आयोग का ये जवाब तब आया, जब दिल्ली पुलिस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों का धरना प्रदर्शन जबरन खत्म करा दिया था. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता हिरासत में ले लिए गए. इंडिया ब्लॉक के कई अन्य दलों के नेता भी डिटेन कर लिए गए. मंगलवार को दिन भर विपक्षी दलों का ये प्रदर्शन चला, जिसमें बैरिकेड्स पर चढ़े विपक्षी दलों के नेताओं ने ‘कसम खाई’ कि वो तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे, जब तक उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने और उन्हें ‘वोट चोरी’ के बारे में बताने की इजाजत नहीं मिल जाती.
धरना प्रदर्शन खत्म कराए जाने के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग ने 6 पॉइंट्स में अपनी प्रतिक्रिया जारी की. आयोग ने कहा कि उसे मीडिया के जरिए पता चला कि कुछ सांसद अपने डेलीगेशन के साथ निर्वाचन आयोग से मिलना चाहते हैं. ECI ने कहा कि वो ये साफ कर देना चाहता है कि मंगलवार, 6 अक्टूबर की शाम 4 बजे तक किसी भी पार्टी ने अपने प्रतिनिधियों के जरिए निर्वाचन आयोग से मीटिंग के लिए समय नहीं मांगा था.
आयोग ने आगे बताया कि दिल्ली पुलिस ने 4 बजे के आसपास सूचना दी कि राहुल गांधी की अगुआई में सांसदों का एक डेलीगेशन आयोग से मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है. इसके बाद आयोग ने नियम समझाया कि 2025 में राजनीतिक पार्टियों से मीटिंग की एक प्रक्रिया तय की गई थी. ये जानकारी सभी पार्टियों को दी गई थी. इसके मुताबिक, किसी भी पार्टी का कोई डेलीगेशन या कई पार्टियों का डेलीगेशन भी अगर आयोग से मिलना चाहता है तो उसे अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए समय मांगना होता है. इसके बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति से तय समय पर मुलाकात करते हैं.
ये भी पढ़ेंः दिल्ली पुलिस राहुल गांधी को उठाकर ले गई, खिड़की से बाहर लटक गए, वीडियो में सब दिखा

आयोग ने आगे कहा कि निर्वाचन आयोग शाम के 4 बजे के आसपास प्रदर्शनकारी सांसदों से मुलाकात पर विचार कर रहा था. लेकिन दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बताया कि जिस मीटिंग की मांग की जा रही है, उसमें 240 सांसद होंगे. इसके अलावा मीटिंग की जगह भी संसद भवन होगी. आयोग के मुताबिक, ये मांग स्वीकार नहीं की जा सकती क्योंकि प्रोटोकॉल ये है कि ऐसी कोई भी मीटिंग निर्वाचन आयोग के कैंपस में ही होती है.
आयोग ने आगे कहा कि इसके बाद ECI का प्रस्ताव था कि सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए आयोग का सबसे वरिष्ठ अधिकारी जा सकता है. यह एक अभूतपूर्व कदम होता लेकिन प्रदर्शन करने वाले सांसदों ने ये मांग ठुकरा दी.
ECI ने प्रोटोकॉल और परंपराओं के सम्मान का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी पार्टी किसी भी वक्त चुनाव आयोग से मिलने का अनुरोध कर सकती है. फिर समय की उपलब्धता के आधार पर आयोग मिलने की तारीख तय कर सकता है. आयोग के मुताबिक, मीटिंग की यही प्रक्रिया सही है.
वीडियो: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किस मामले में जांच के आदेश जारी हुए?












