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लोगों से 88 करोड़ ठग कर पति-पत्नी दुबई भाग गए, CBI दोनों को पकड़ लाई

Fraud cases in India: पति-पत्नी दोनों के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. ये नोटिस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ जारी किया जाता है, जिसमें उनके प्रत्यर्पण की मांग की जाती है. विशाखा को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और CBI की मदद से 3 अगस्त को भारत लाया गया.

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मास्टरमाइंड की पत्नी को भारत वापस लाया गया है. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • महाराष्ट्र में 88 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में पति-पत्नी अविनाश और विशाखा राठौड़ को UAE से प्रत्यर्पित कर पुणे पुलिस को सौंपा गया है।
  • घोटाले की जांच में सामने आया कि दंपति ने निवेशकों से फिक्स्ड रिटर्न का झूठा वादा कर उनसे धन जुटाया और उसे कई खातों में स्थानांतरित किया।
  • अविनाश और विशाखा के प्रत्यर्पण के बाद मुंबई पुलिस इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क की जांच कर रही है और आगामी कानूनी प्रक्रिया जारी है।

महाराष्ट्र में 88 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट घोटाले का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पति-पत्नी कथिततौर पर लोगों को झूठी स्कीम बेचकर UAE भाग गए. फिर जांच बैठी. CBI की मदद से पहले इस फ्रॉड के मास्टरमाइंड अविनाश राठौड़ को UAE से भारत डिपोर्ट (प्रत्यर्पण) किया गया. अब पत्नी विशाखा राठौड़ का प्रत्यर्पण हुआ है.

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इंडिया टुडे से जुड़े दिव्येश सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. ये नोटिस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ जारी किया जाता है, जिसमें दोनों के प्रत्यर्पण की मांग की जाती है. विशाखा को विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और CBI की मदद से 3 अगस्त को भारत लाया गया. पुणे में लैंड करने के बाद महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया गया.  

फ्रॉड केस क्या है?

जांचकर्ताओं के अनुसार, कपल ने कथित तौर पर निवेशकों को हर महीने फिक्स्ड रिटर्न का वादा करके कई निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के लिए राज़ी किया था. लेकिन जांचकर्ताओं का आरोप है कि किए गए वादे झूठे थे और निवेशकों से इकट्ठी की गई धनराशि का गलत इस्तेमाल किया गया. उन पैसों को कई बैंक खातों और डीमैट खातों के ज़रिए दूसरी जगह भेज दिया गया. इस धोखाधड़ी की कुल अनुमानित राशि लगभग 88 करोड़ रुपये बताई जा रही है. 

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पुलिस का मानना ​​है कि दंपति ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर निवेशकों के पैसों का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया और फिर देश छोड़कर भाग गए.

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पति-पति के खिलाफ रेड नोटिस

रिपोर्ट के मुताबिक, अविनाश और विशाखा राठौड़ दोनों के खिलाफ 4 जून, 2026 को रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. फिर UAE के अधिकारियों ने अविनाश को हिरासत में लिया और 23 जुलाई को भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया. फिर कोर्ट में पेशी होने के बाद 10 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इसके बाद अब पत्नी को UAE से वापस लाया गया है. मुंबई पुलिस इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क की जांच कर रही है.

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