मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए हालात थोड़े दिलचस्प हैं. एक तरफ लोग उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, दूसरी तरफ उन्हें पद्म भूषण देने की मांग हो रही है. यानी देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान. पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए.
'ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण मिलना चाहिए', बंगाल बीजेपी प्रमुख ने वजह भी बताई
Gyanesh Kumar Padma Bhushan: पश्चिम बंगाल BJP के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए. समिक भट्टाचार्य ने आगे राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है.

ये मांग ऐसे वक्त आई है, जब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर राजनीतिक बहस चल रही है. इसी बहस के बीच जंतर-मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन भी हो रहा है.
समिक भट्टाचार्य ने तारीफ में क्या कहा?पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए कहा,
“पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव कराने और वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने में ज्ञानेश कुमार की भूमिका रही है. इसलिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करना चाहिए.”
समिक भट्टाचार्य ने आगे राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी को उनकी पार्टी गंभीरता से नहीं लेती. पश्चिम बंगाल की जनता खुश है कि इतने दिनों बाद डर और दबाव के माहौल से बाहर निकलकर लोगों को बिना किसी हत्या की घटना के वोट डालने का मौका मिला.”
यानी समिक भट्टाचार्य ने सिर्फ ज्ञानेश कुमार की तारीफ नहीं की, बल्कि पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी भूमिका को लेकर अपना पूरा पक्ष रखा. उन्होंने मीडिया से सवाल करते हुए कहा कि क्या इससे पहले पश्चिम बंगाल में ऐसा चुनाव देखा गया था?
चुनाव आयोग के अंदर मतभेदज्ञानेश कुमार की ये तारीफ ऐसे समय हो रही है, जब SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर ही मतभेद की खबर सामने आई है. ये मामला द इंडियन एक्सप्रेस की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के बाद सामने आया. पत्रकार रितिका चोपड़ा की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज की.
इन आपत्तियों का संबंध नए वोटरों के नाम जोड़ने, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और बहाल करने, अपील की प्रक्रिया और चुनावी डेटा के IT सिस्टम जैसे मुद्दों से था. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी या सहमति नहीं थी.
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रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और उनके इस्तीफे की मांग उठाई. हालांकि चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों में लगाए गए ‘आंतरिक मतभेद’ के नैरेटिव को खारिज किया. कहा कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां लोकतांत्रिक डेलीब्रेशन का हिस्सा हैं. अंतिम फैसले आयोग में सर्वसम्मति से लिए जाते हैं.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांगSIR प्रक्रिया से जुड़े इस विवाद के बीच विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार को 24 घंटे में इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिए जाने की बात सामने आई है. पार्टी ने कहा है कि अगर इस्तीफा नहीं दिया गया तो 2 अक्टूबर से देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
हालांकि इससे पहले ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो चुका है. प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनमें योगेंद्र यादव भी शामिल हैं.
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