क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने पिछले साल सितंबर में हुई लेह हिंसा के लिए सीधे तौर पर गृहमंत्री को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ बोलने की वजह से उनका एनकाउंटर किया जा सकता है. दरअसल, सितंबर 2025 में हुई लेह हिंसा में पुलिस की गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों की याद में गुरुवार, 24 सितंबर को इलाके में प्रोटेस्ट मार्च का आयोजन किया गया.
सोनम वांगचुक को क्यों सता रहा एनकाउंटर का डर? गृहमंत्री अमित शाह से की इस्तीफे की मांग
Leh Ladakh Violence 2025: एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने Amit Shah के इस्तीफे की मांग की है. साथ ही उन्होंने कहा कि मैं सरकार के खिलाफ बोलता रहा हूं. मुझे वाकई लगता है कि मेरा भी एनकाउंटर किया जा सकता है.

सोनम ने लेह हिंसा को नरसंहार बताया. हिंसा के विरोध में निकाले गए मार्च की वजह से पूरे दिन लद्दाख बंद रहा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोटेस्ट मार्च का नेतृत्व खुद सोनम ने किया. इस दौरान लोगों ने करीब 20 किलोमीटर लंबा मार्च भी निकाला. मार्च के खत्म हो जाने के बाद सोनम ने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा,
'अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए. साथ ही लद्दाख में हुए नरसंहार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्हें उन चार लोगों की मौत की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. गृहमंत्री को अपना इस्तीफा देना ही चाहिए.’
सोनम ने अपने संबोधन में लद्दाख के लोगों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आप लोग बिना वर्दी पहने देश के लिए लड़ने वाले लोग हैं. पर्यावरण एक्टिविस्ट ने इस दौरान यह भी कहा कि लेह-लद्दाख के लोगों को विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया था. पिछले 6 सालों से प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था. लेकिन 2025 में हिंसा की क्या जरूरत थी.
सोनम ने पूछा, लेह हिंसा का जिम्मेदार कौन?सोनम ने अपने भाषाण के दौरान पूछा कि आखिर लेह में हुई इस हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है? दरअसल, सितंबर 2025 में लेह-लद्दाख के लोगों ने बड़ा प्रदर्शन किया था. स्थानीय लोगों की सरकार से दो बड़ी मांगें थीं: पूर्ण राज्य का दर्जा और इलाके को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना.
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इन्हीं मांगों को लेकर 24 सितंबर 2025 को विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प भी हुई. संघर्ष इतना बढ़ गया कि पुलिस ने स्थिति काबू में लाने के लिए गोलीबारी की थी. इस गोलीबारी में 4 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई. इसके विरोध में सोनम भूख हड़ताल पर बैठ गए थे. उन्हें NSA के तहत गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें करीब 6 महीने तक जोधपुर जेल में रखा गया था.
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